नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ से होली का त्योहार मनाया गया। जगह-जगह होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। मधुबन आश्रम परिसर में भक्तों ने बृज की होली खेली। परमार्थ निकेतन में भी देश-विदेश से आए साधक रंगों से सरोबार नजर आए। प्राचीन सिद्धपीठ बनखंडी महादेव मंदिर में पौराणिक देवभूमि सोसाइटी की ओर से होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न मंडलियों की ओर से सांस्कृतिक लोकगीत, लोक नृत्य और भजनों की प्रस्तुति दी गई। शिव शक्ति कीर्तन मंडली ने गणेश वंदना और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। उमा जोशी, अनिता भट्ट की सांस्कृतिक टीम ने राधा कृष्ण के होली गीतों की प्रस्तुति दी। मां भुवनेश्वरी कीर्तन मंडली ने होली गीत एवं पारंपरिक लोक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। गौरा शंकर कीर्तन मंडली की महिलाओं ने राधा-कृष्ण के होली गीतों ने समा बांध दिया। चंद्र बदनी कीर्तन मंडली की ओर से विभिन्न प्रकार के गीत और भजनों की प्रस्तुति दी गई। सोसाइटी संस्थापक आचार्य सुमन धस्माना, सीता पयाल, संजीव चौहान, जयेंद्र रमोला, रोशन उपाध्याय, भगवती प्रसाद सेमवाल, संजय पोखरियाल आदि मौजूद रहे।नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला स्थित मधुबन आश्रम में चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव महोत्सव बड़े ही धूमधाम के मनाया गया। आश्रम में सुबह मंगल आरती से आरंभ होकर ऋषिकेश में नगर संकीर्तन किया गया, जिसमें अनेक भक्तों ने भाग लिया। उसके बाद परिसर में बृज की होली खेली गई। शाम को चैतन्य महाप्रभु नित्यानंद का शहद, दूध और फलों के रस से महाभिषेक किया गया। प्रवचन आरती और सबको महा प्रसाद भंडारा कराया गया। इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, नवीन अग्रवाल, चंद्रवीर पोखरियाल, सूर्यवंशी चौहान, शिव मूर्ति कंडवाल, संदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।