विश्व हिंदी दिवस पर वसुंधरा संस्था की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, यह हमारी संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का जीवंत प्रतीक है। यह भारत की आत्मा है, जो हमारी सोच, हमारी भावनाओं और हमारे स्वाभिमान को अभिव्यक्त करती है। शुक्रवार को पूर्णानंद घाट पर आयोजित गोष्ठी में डाॅ. ज्योति शर्मा ने कहा कि हिंदी भाषा भारत की आत्मा है। यह एक ऐसी भाषा है जो न केवल हमारी मातृभाषा है, बल्कि एक सेतु भी है जो देश के विभिन्न प्रदेशों और संस्कृतियों को जोड़ती है। शिल्पी सलूजा व प्रियंका नेगी ने कहा कि हिंदी भाषा का इतिहास बहुत प्राचीन है। हिंदी संस्कृत और प्राकृत भाषाओं से विकसित हुई है। हिंदी भाषा की विशेषता यह है कि यह एक सरल और स्पष्ट भाषा है। यह भाषा न केवल साहित्य और संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है। कार्यक्रम सरिता पेटवाल, रीता सेमवाल ,वंदना नेगी, आशा डंग, मनोहर, देवकांत, गायत्री देवी आदि मौजूद रहे।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ