अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर परमार्थ निकेतन गंगाघाट पर सांध्य कालीन गंगा आरती में देसी विदेशी पर्यटकों और ऋषिकुमारों ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास किया। योग साधिका साध्वी आभा सरस्वती और डा. इंदु शर्मा ने गंगा प्रेमियों, श्रद्घालुओं और पर्यटकों को सामूहिक ध्यान, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, पर्वतासन आदि विभिन्न क्रियाओं का योगाभ्यास करवाया।
आश्रम मीडिया प्रवक्ता राममहेश मिश्र ने बताया कि मंगलवार सुबह 5:30 परमार्थ निकेतन आश्रम परिसर में योग की विशेष कक्षाएं आयोजित होगी। श्यामपुर में 31 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी हरिद्वार और एनएसएस की संयुक्त पहल पर इंटर कॉलेज आईडीपीएल में स्वयं सेवियों को योग का अभ्यास कराया गया। योग गुरू जेएस रौतेला ने योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास कराया। इस अवसर पर एनसीसी अधिकारी कै.वीरेंद्र सिंह नगी, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक मनोज गुप्ता, केेशवानंद ममंगाई, रमाशंकर विश्वकर्मा, विजयपाल सिंह आदि उपिस्थत थे।
योग शिविर आज
ऋषिकेश। श्री स्वामी नारायण आश्रम वैदिक ऋषिकुल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम संचालक आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने बताया कि गंगा तट स्वामी नारायण आश्रम शीशमझाड़ी मुनिकीरेती में सांय 5 बजे से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विवि हरिद्वार के कुल सचिव गिरीश कुमार अवस्थी, विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल होंगे।
मासिक योग शिविर का समापन
मुनिकीरेती। केद्रींय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर 20 मई से 20 जून तक आयोजित योग शिविर संपन्न हो गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सुबह 7 से 8 बजे योगा सत्र और 10 से 4 बजे तक कार्यशाला और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से विभिन्न रोगों को दूर करने के उपाय, आहार चिकित्सा और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन सोसाइटी फार ह्युुमन वेलफेयर देहरादून की ओर से किया जाएगा। मौके पर क्षेत्रीय विधायक विजया बड़थ्वाल, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अध्यक्ष शकुंतला राजपूत परमार्थ निकेतन व्यवस्थापक रामअंनत तिवारी, इंडियन सोसायटी फॉर ह्युुमन वेलफेयर अध्यक्ष डा. अश्विनी कांबोज, डा. हरिमोहन चंदोला, भरतलाल, गजेंद्र नागर, डा. रवि कौशल शरद मिश्रा, अजय गौड़ आदि मौजूद थे।