एक, दो, तीन चार, भोले तेरी जय जयकार...., उदघोष के साथ रविवार को एक लाख शिवभक्तों ने प्राचीन शिवालय नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक कर पुण्य कमाया। रविवार को पंचक के तीसरे दिन भी शिवभक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। देरशाम तक मंदिर में जल चढ़ाने के लिए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के छठवें दिन नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक करने वाले शिवभक्तों की संख्या साढ़े छह लाख से अधिक पार कर चुकी है।
रविवार को तीर्थनगरी में शिवभक्तों ने मोक्षदायिनी में आस्था की डुबकी लगाई और गंगा जल भरकर हर हर महादेव जयकारों के साथ प्राचीन शिवालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग, मोटर मार्ग और मंदिर परिसर दिनभर जय भोले की जयकारों के साथ गूंजायमान रहा। नीलकंठ में बह्ममूर्हुत से शुरु हुए जलाभिषेक में सुबह 11 बजे 22 हजार पांच सौ शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया।
जलाभिषेक होते होते शाम पांच बजे शिवभक्तों की दर्शनों की संख्या 40 हजार पार कर गई। दर्शन और जलाभिषेक का क्रम देरशाम सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। जो एक लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर गया। मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि मंदिर परिसर में सुबह से शिवभक्तों की संख्या में कोई गिरावट नहीं आई। शिवालय में जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर से नीलकंठ पैदल मार्ग पर कई किमी की दूरी तक शिवभक्तों का तांता लगा हुआ है। दिन प्रतिदिन बढ़ रही शिवभक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के भी पसीने छूट रहे हैं।