भानियावाला में प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए परिवर्तको भव: (बदलाव के सूत्रधार बनो) नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सत्ता के विकेंद्रीकरण पर जोर देकर सत्ता का हलवा (मूंग का हलवा) बांटा गया। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने बड़े चाव से सत्ता का हलवा खाया।
कार्यक्रम के आयोजक दिगंबर सिंह नेगी ने कहा कि आमजन की भलाई के लिए सत्ता के दुरुपयोग के स्थान पर सत्ता का विकेंद्रीकरण होना चाहिए। सत्ता की पॉवर आमजन तक पहुंचनी चाहिए। इस पॉवर को उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से सत्ता का हलवे नाम दिया है जो सबमें बंटना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा रात भर जागकर पढ़ाई करते हैं। पढ़ाई के लिए कई युवा शादी, समारोह और दूसरे कार्यक्रमों तक में नहीं जाते हैं लेकिन पेपर के दिन पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है। कुछ लोग पेपर लीक के खिलाफ बोलने वालों को देश विरोधी और मंदिर का चंदा चोरी करने वालों को देशभक्त कहते हैं जो शर्मनाक है।
गजराम सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों के पास अकूत दौलत है। वहीं पूरे प्रदेश में ग्राम पंचायतों की जमीनों पर कई नेताओं ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। पूर्व सैनिक हीरा सिंह फर्सवाण ने कहा कि अग्निवीर योजना सैनिकों के बीच मतभेद और मनभेद करने वाली योजना है। ऑपरेशन सिंदूर के वक्त सरकार के झूठ बोला कि कोई सैनिक बलिदान नहीं हुआ। जबकि बाद में जानकारी दी गई कि छह सैनिक बलिदान हुए हैं। इस अवसर पर अनुराग पंत, बीर सिंह पंवार, सुमन सिंह, सुरेश जुयाल, दरपान बोरा आदि उपस्थित रहे।