जलसंस्थान की लापरवाही तपोवन, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में घूमने आ रहे पर्यटकों पर भारी पड़ रही है। विभाग की लापरवाही के कारण लक्ष्मण मंदिर के समीप बना जलसंस्थान का पेयजल टैंक डेढ़ महीने से सूखा पड़ा हुआ है और पर्यटक बूंद-बूंद पानी को परेशान हो रहे हैं।
अर्र्द्धकुंभ क्षेत्र होने के कारण लक्ष्मणझूला, तपोवन में इन दिनों रोजाना हजारों पर्यटक आ रहे हैं। जिन्हें क्षेत्र में पेयजल सुविधा नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल सप्लाई नहीं होने से उन्हें नदी और टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता प्रमोद हटवाल ने कहा कि मामला संज्ञान में है, जल्द ही एक-दो दिन के अंदर टैंक में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
आम उपभोक्ता पर दो हजार रुपये बिल भुगतान का बकाया होने पर जल संस्थान जहां झट से कनेक्शन काट देता है। वहीं, विभाग रसूखदारों और सरकारी महकमों से बकाया वसूली करने में दरियादिली अपना रहा है। विभाग इन पर इस कदर मेहरबान है कि लाखों का बिल बकाया होने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
इतना ही नहीं, क्षेत्र में कई नामी होटलों पर भी पानी का बिल बकाया है। बकाएदारों में कई छुट भैया नेता और रसूखदार भी शामिल हैं, जो मुफ्त में पानी ले रहे हैं और विभाग की इन पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं हो रही है।
जलकल अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत ने कहा कि इस साल विभाग पिछले साल के मुकाबले बकाएदारों से राजस्व वसूलने में ज्यादा कामयाब रहा है। बकाएदारों को बिल भुगतान के लिए नोटिस भेजे गए हैं। बकाएदार फिर भी बिलों का भुगतान नहीं करते तो उनके पानी के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कौन कितना बकाएदार
हाईडिल विभाग- 4 लाख 57 हजार
सिंचाई खंड अधिशासी अभियंता- 2 लाख 36 हजार
सहायक अभियंता अनुसंधान बैराज- 1 लाख 63 हजार
परियोजना प्रबंधन गंगा प्रदूषण प्रगति विहार- 1 लाख 40 हजार
लोक निर्माण विभाग- 4 लाख रुपये
सचिव कृषि मंडी ऋषिलोक- 51 हजार रुपये
वनरेंज अधिकारी कालेकीढाल- 62 हजार रुपये