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अवकाश के कारण आधे दिन चल ओपीडी, भटकते रहे मरीज

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ओपीडी बंद होने से सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी इलाज को भटकते मरीज। - फोटो : RISHIKESH
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मुहर्रम की छुट्टी होने के कारण एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में तीन घंटे बाद ओपीडी बंद कर दी गई। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। इस दौरान कई लोगों ने इमरजेंसी की दौड़ लगाई। यहां कई को राहत मिली तो काफी लोग मायूस लौटे। इन दिनों शहर में डेंगू का प्रकोप चल रहा है। दहशत का आलम यह है कि हल्का बुखार आने पर भी लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
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प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी मरीज सरकारी अस्पताल की ओपीडी काउंटर पहुंचे। सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुई ओपीडी हाफ डे होने के कारण 11 बजे बंद कर दी गई। अधिकांश मरीजों को हाफ डे की जानकारी नहीं थी। इस कारण ओपीडी बंद होने के बाद उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक्सरे, इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों को इमरजेंसी की ओर रुख करना पड़ा। खासकर बुजुर्गों को ओपीडी बंद होने से भी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. संतोष पंत ने बताया कि छुट्टी के दिनों में आधे दिन ही ओपीडी खुली रहती है। इसके बाद आने वाले मरीजों को इमरजेंसी में उपचार किया जाता है।
डेंगू के मरीजों में हो रही बढ़ोतरी
ऋषिकेश। वर्तमान में सरकारी अस्पताल में 24 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। पिछले माह की तुलना में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा इस माह के 10 दिनों में काफी बढ़ गया है। शासन प्रशासन की ओर डेेंगू को रोकने के लिए तमाम प्रकार की मुहिम चलाई जा रही हैं, मगर वह कहीं भी कामयाब होती नजर नहीं आ रही है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त माह में सरकारी अस्पताल में 73 डेंगू के मामले पहुंचे। सितंबर माह के दस दिन में ही 50 डेंगू के मरीज सरकारी अस्पताल पहुंच चुके हैं।
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