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Rishikesh News: बडेरना गांव में गुलदार ने तीन कुत्तों व दो गायों को मार डाला

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डोईवाला विधानसभा के पहाड़ी क्षेत्र हल्द्वाडी के अंतर्गत बडेरना गांव में बीते पांच दिनों में गुलदार ने तीन कुत्तों और दो गायों को निवाला बनाया है। जिससे ग्राम पंचायत हल्द्वाडी में दहशत का माहाैल है।
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गुलदार ने एक-एक कर तीन कुत्तों को निवाला बनाया है। जबकि खेतों में चर रही दो गायों को भी गुलदार ने मार डाला। स्थानीय निवासी अनिल कठैत ने कहा कि बृहस्पतिवार को दिन में करीब साढ़े 11 बजे उनके छत पर घूम रहे कुत्ते को गुलदार अपने मुंह में दबाकर भाग गया। उन्होंने काफी जगहों पर अपने कुत्ते की तलाश की। लेकिन कुत्ते का कहीं पता नहीं चला।
इससे पहले गुलदार ने सुनील सिंह और विक्रम सिंह की गाय को निवाला बनाया। गांव से कुछ दूरी पर गाय का अधखाया शरीर बरामद हुआ। ग्राम प्रधान संजना कठैत ने कहा कि पिछले करीब एक हफ्ते में गांव में गुलदार की दहशत बनी हुई है। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं। गुलदार के आतंक के कारण शाम ढलने के बाद लोग अपने खेतों और रास्तों में चलने से भी डर रहे हैं। उन्होंने गुलदार के आतंक से निजात दिखाने की मांग की है।
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थानो रेंज के रेंजर एनएल डोभाल ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार देखा गया है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर गई है। उन्होंने टीम को गश्त बढ़ाने को कहा है।


गुलदार और हाथियों को भगाने के लिए वनकर्मियों के साथ गश्त कर रहे ग्रामीण
वन सीमा से सटे आबादी क्षेत्र में गुलदार और हाथियों की आमद से परेशान किसान अब वन कर्मियों के साथ गश्त कर रहे है।

लच्छीवाला वन रेंज से सटे सिमलास ग्रांट, नांगल ज्वालापुर, किशनपुर ग्रांट आदि कई क्षेत्रों में हाथियों और गुलदार की आमद हो रही है। आबादी क्षेत्र में हाथियों का झुंड खेतों में तैयार हो रही धान और गन्ने की फसल को क्षतिग्रस्त कर रहे है। बता दे कि पिछले दिनों गुलदार नांगल ज्वालापुर में एक घर के आंगन से कुत्ता उठा ले गया था। ग्रामीण आशंकित हो हैं कि जहां गुलदार आ रहा है वहां सरकारी विद्यालय है।
बताया कि गुलदार स्कूल की पानी की टंकी के ऊपर बैठा देखा गया है। वहीं, झडोंद में एक पूर्व सैनिक पर हाथी ने हमला कर घायल कर दिया था। सिमलास ग्रांट के पूर्व प्रधान उमेद वोरा ने बताया कि गश्त में वन कर्मियों की मदद की जा रही है। लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि गुलदार और हाथियों की आवाजाही होने पर अतिरिक्त गश्त की व्यवस्था की जा रही है।
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