आबादी वाले क्षेत्र भानियावाला गुलदार के घुुसने से लोगों में हड़कंप मच गया। गुलदार ने एक सभासद, वनकर्मियों सहित कई लोगों को पंजा मारकर घायल कर दिया। गुलदार को देखने के लिए छतों पर जमा हो गए। आखिरकार रात आठ बजे वन विभाग की टीम ने गुलदार को रेस्क्यू करने में कामयाबी हासिल की।
भानियावाला में सपेरा बस्ती के बस्ती के पास नर्सरी में गुलदार काफी देर तक झाड़ियों छिपा रहा। इस बार गुलदार ने कई बार हमला कर वन विभाग के कर्मचारियों को घायल भी किया। वन विभाग ने रात 7.30 पर दोबारा से गुलदार की घेराबंदी शुरू की। वनकर्मियों ने लाठी डंडो को फटकार कर गुलदार को डराया।
इस बीच झाड़ियों से बाहर निकले गुलदार पर टीम ट्रैंकुलाइजर गन को निशाना लगाने में सफल रही। ट्रैंकुलाइजर का असर होते ही गुलदार पर बेहोशी छाने लगी। टीम ने अचानक गुलदार के ऊपर जाल डाल दिया। टीम गुलदार को पिंजरे में डालकर देहरादून ले आई। रेंजर डीएस रावत ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान सैन खान, प्रवीण पुंडीर, आनंद आदि वनकर्मी घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करया गया है।
देहरादून वन प्रभाग के बडकोट रेंज अंतर्गत आने वाले भानियावाला क्षेत्र में सुबह साढ़े दस बजे घास काटने वाली कुछ महिलाओं की नजर एक खेत में पड़ी जहां गुलदार आराम से पड़ा था। इसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर भानियावाला के नगर पालिका सभासद ईश्वर रौथाण ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। इस बीच लोगों ने गुलदार को देख शोर मचाना शुरू कर दिया।
गुलदार एक प्लॉट की दीवार को फांदकर भागने लगा। इस बीच अपनी स्कूटी पर सभासद ईश्वर सिंह रौथाण गुलदार के सामने आ गए। इससे पहले वे संभल पाते गुलदार ने उनपर झपट्टा मार दिया। इस दौरान गुलदार का पंजा लगने से सभासद घायल हो गए। हालांकि सभासद के गुलदार को झटकने के बाद वह नर्सरी की तरफ दौड़ गया। गुलदार की दहशत से सपेरा बस्ती क्षेत्र के लोग खासे भयग्रस्त हो गए।
डीएफओ देहरादून राजीव धीमान, बड़कोट रेंजर धीरज रावत, वन पंचायत सलाहकार परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष करन बोरा आदि तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण विभागीय टीम को रेस्क्यू अभियान शुरू करने में विंलब हुआ। टीम पिंजरा, ट्रैकुलांइज का सामान आदि लेकर मौके पर मौजूद रही। शाम तक गुलदार को रेस्क्यू करने का प्रयास जारी रहा।
कई बार हमलावर हुआ गुलदार
गुलदार को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम के द्वारा कई बार प्रयास किए गए। सपेरा बस्ती के नजदीक नर्सरी में घने पेड़ों और झाडियों के बीच बैठे गुलदार को पकड़ने के लिए जैसे ही प्रयास शुरू हुऐ तो गुलदार हमला करता हुआ घनी झाडियों में जा बैठा। इस दौरान डॉ. राकेश नौटियाल, वनकर्मी राजेन्द्र सिंह, रमेश थपलियाल, रामेश्वर उनियाल और पत्रकार रजनीश सैनी भी गुलदार के नुकीलें पंजे लगने से घायल हो गए। घायल हुए कई लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र में जाकर उपचार लिया।
जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में आता है गुलदार
बडकोट और लच्छीवाला वन रेंज के समीपवर्ती आबादी वाले क्षेत्रों में अक्सर गुलदार की चहलकदमी रहती है। बडकोट वनरेंज के रेशममाजरी क्षेत्र में कई मर्तबा गुलदार की आवाजाही हुई। जीवनवाला और फतेहपुर आदि में भी गुलदार देखा जाता रहा है। भानियावाला के आबादी वाले क्षेत्र में पहली बार गुलदार इतनी घनी आबादी तक पहुंच गया। जानकार मान रहे है कि जंगल से निकलकर गुलदार रास्ता भटककर आबादी में पहुंच गया होगा। बताया जा रहा है कि भोजन और पानी के लिए वन्य जीव आबादी की ओर रूख करते है।