राजकीय पशु चिकित्सालय ऋषिकेश को रखरखाव के लिए शासन से बजट नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में पशु अस्पताल का रखरखाव का काम नहीं हो पा रहा है। वहीं फर्नीचर का टोटा होने से अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी टूटे और सड़े गले फर्नीचर पर बैठने को मजबूर हैं।
राजकीय पशु अस्पताल में शेड निर्माण और पेयजल टैंक के लिए डॉक्टर की ओर से पशुपालन निदेशालय में करीब 10 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। लेकिन बजट का अभाव बताकर निदेशालय से प्रस्ताव लौटा दिया गया। यदि बजट पास हो जाता तो अस्पताल परिसर में शेड निर्माण के साथ ही सीसी फर्श भी बनाई जानी थी। बजट के अभाव में अस्पताल के आगे आंगन की फर्श उखड़ी पड़ी है। अस्पताल परिसर में शेड निर्माण न होने से बरसात और गर्मियों में पशुओं का इलाज खुले आसमान के नीचे करना पड़ता है।
Iलाखों के फर्नीचर खरीदे अस्पतालों में नहीं पहुंचाएI
जिले के राजकीय पशु चिकित्सालयों में फर्नीचर की आपूर्ति करने के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से लाखों रुपये के फर्नीचर खरीदे गए। लेकिन फर्नीचर जिले के अलग-अगल पशु अस्पतालों में नहीं पहुंचाए गए। पशु चिकित्सालयों में टूटे और पुराने फर्नीचर से काम चलाया जा रहा है। रानीपोखरी और अन्य अस्पतालों में सड़े गले फर्नीचर का प्रयोग किया जा रहा है।
Iपशु अस्पतालों के लिए फर्नीचर खरीदा गया था। संबंधित डॉक्टरों को फर्नीचर ले जाने के लिए कहा गया था, लेकिन फर्नीचर नहीं ले गए। जल्द ही अस्पतालों को फर्नीचर भिजवाया जाएगा। ऋषिकेश पशु अस्पताल में जो शेड निर्माण के लिए प्रस्ताव आया था। वहां पर शेड निर्माण के लिए एक संस्था आगे आई है। संस्था ही शेड निर्माण करेगी। - विद्याशंकर कापड़ी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारीI