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जानकी सेतु पर फर्राटे भरने को हो जाइए तैयार

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ऋषिकेश। टिहरी और पौड़ी जिले को जोड़ने वाला जानकी सेतु से फर्राटा भरने के लिए आपका इंतजार शीघ्र खत्म होने जा रहा है। 10 नवंबर को पुल पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खुल जाएगा। पुल पर इन दिनों रंग पुताई का काम जोरों पर चल रहा है। 346 मीटर पुल का लोकापर्ण मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे।
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वर्ष 2014 से मुनिकीरेती पूर्णानंद में लोनिवि निर्माण खंड नरेंद्रनगर विभाग की ओर से पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। कछुआ गति से निर्माण कार्य और राजनीति की भेंट चढ़ने के कारण आखिकार करीब छह वर्ष बाद जानकीसेतु तैयार हो गया है। करीब 49 करोड़ की लागत से बने पुल पर अब पर्यटक और स्थानीय लोग आवाजाही करेंगे।
लोनिवि निर्माण खंड नरेंद्रनगर के अधिशासी अभियंता मोहम्मद आरिफ खान ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। लोकापर्ण के लिए जानकीसेतु तैयार है।
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जानकी सेतु बनने से लोगों को मिलेगा लाभ
ऋषिकेश। जानकी सेतु के बनने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा। लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ ही पर्यटकों को एक से दो किमी की लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। जिन पर्यटकों को स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में घूमना होगा, वह पर्यटक अपने वाहनों को पूर्णानंद बस पार्किंग मुनिकीरेती में पार्क कर देंगे। इसके बाद वह जानकी सेतु से आवाजाही कर क्षेत्र में भ्रमण करेंगे।
किसी का बढ़ेगा रोजगार, किसी का होगा प्रभावित
ऋषिकेश। जानकी सेतु के खुलने से जहां पूर्णानंद में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे, वहीं मुनिकीरेती के शिवानंद मार्ग और तपोवन के व्यापार में इसका असर पड़ेगा। लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने से पहले ही तपोवन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही कम हो गई हैं। अब इसके बाद जानकी पुल के खुलने से पर्यटकों की संख्या में और गिरावट आ सकती है। तपोवन के व्यापारियों ने बताया कि पुल का निर्माण होने से योगनगरी का विकास हुआ है। उम्मीद है कि पुल के खुलने से उनके व्यापार में इसका असर न दिखे।
शिलापट्ट पर नाम को लेकर राजनीति गरमाई
ऋषिकेश। जानकी सेतु के शिलापट्ट पर नगर पालिका मुनिकीरेती के अध्यक्ष का नाम अंकित होने पर नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक में राजनीति गरमा गई है। निकायवाशियों ने कहा कि जानकी सेतु मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम की सीमा को जोड़ रहा है, इस पुल के शिलापट्ट पर नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के अध्यक्ष का नाम भी अंकित होना चाहिए था। निकायवासी इसकी घोर निंदा करते हैं। साथ ही वह सोशल मीडिया पर टिप्पणी लिखकर प्रदेश सरकार को खरीखोटी सुना रहे हैं।
करोड़ों खर्च के बाद भी अंधेरे में आवाजाही करेंगे पर्यटक
ऋषिकेश। लोनिवि निर्माण खंड नरेंद्रनगर विभाग ने करोड़ों की लागत से जानकी सेतु का निर्माण तो कर दिया है, लेकिन विभाग की ओर से पुल पर लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल पर रात्रि के दौरान पर्यटक और स्थानीय लोग अंधेरे में आवागमन करेंगे। पुल पर लाइटिंग की व्यवस्था के लिए लोनिवि विभाग चुप्पी साध रहा है।
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