आग की चपेट में आकर जला रेगुलेटर
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शुक्रवार देर रात एक महिला गैस रिसाव से लगी आग में बुरी तरह झुलस गई। महिला का इलाज देहरादून के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के वक्त महिला के दो बच्चे और पति भी कमरे में सो रहे थे। आस पास के लोगों के समय रहते पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक प्रतिभा नेगी पत्नी मुकेश नेगी निवासी किराएदार मांगेराम पाल ने खाना बनाने के लिए नया सिलेंडर लगाया था। खाना बनाकर वह सिलेंडर का रेगुलेटर बंद करना भूल गई। रात करीब 12 बजे जब कमरे में गैस की दुर्गंध उठी तो महिला उठी और किचन की लाइट जलाने के लिए स्विच ऑन किया। स्विच ऑन होते हुए ही स्पार्क हुआ और कमरे में आग लग गई। महिला भी इसकी चपेट में आ गई। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग तुरंत इकट्ठे हो गए। सिलेंडर को बाहर निकालकर महिला को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले ही उसके दोनों पैर बुरी तरह झुलस चुके थे।
आनन फानन में महिला को नगर के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने वहां जवाब दे दिया। इसके बाद झुलसी महिला को एम्स में भर्ती कराया गया। लेकिन यहां से चिकित्सकों ने उसे देहरादून के कोरेनेशन अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन कोरोनेशन अस्पताल के भी जवाब देने पर उसे देहरादून के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। उधर, फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच गैस सिलेंडर में लगी आग बुझाई।
गैस सिलेंडर हादसों में मिलता है 10 लाख तक का बीमा
गैस सिलेंडर कनेक्शन लेते ही थर्ड पार्टी इंश्योरेंस हो जाता है। इसका चार्ज प्रतिमाह सिलेंडर के मूल्य के साथ जुड़ा होता है। यदि सिलेंडर से कोई भी हादसा होता है, तो इसकी जानकारी सबसे पहले संबंधित गैस एजेंसी और पुलिस स्टेशन को देनी चाहिए। गैस एजेंसी अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजती है। इसके बाद एक टीम घटना स्थल का तकनीकी मुआयना करने आती है। घटना की वास्तविक स्थिति पता करने के बाद पीड़ित को 10 लाख रुपए तक का बीमा मिल सकता है।