बापूग्राम में गढ़वाली काव्य रचना फुंड फूंका का विमोचन करते अतिथि।
- फोटो : RISHIKESH
गढ़वाली साहित्यकार विश्व प्रकाश बौड़ाई की पुण्यतिथि पर उनकी गढ़वाली काव्य रचना ‘फुंड फूंका’ का विमोचन किया गया। इस मौके पर काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि चिंतामणि ढौंडियाल, पूर्व प्रधानाचार्य प्रशांत सुंदरियाल, शिक्षाविद् बंशीधर पोखरियाल, धनेश्वरी बौड़ाई और चंद्रप्रभा बौड़ाई ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर बंशीधर पोखरियाल ने कहा कि ‘फुंड फूंका’ की रचनाएं गढ़वाल के आम जन जीवन का दर्पण है।
इसमें कवि ने बड़े ही दार्शनिक भाव से रचनाओं का सृजन किया है। इसमें वे चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। काव्य गोष्ठी में अशोक क्रेजी, शिवप्रसाद बहुगुणा, रामकृष्ण पोखरियाल, सुनील थपलियाल, नरेंद्र रयाल, धनेश कोठारी, विनोद बिजल्वाण, गोविंदराम पोखरियाल और प्रबोध उनियाल आदि ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर विनोद ढौंडियाल, डॉ. ओमप्रकाश बौड़ाई, हरीश चंद्र, प्रशांत सुंदरियाल, डॉ. तनुजा पोखरियाल, प्रशांत ध्यानी, गिरीश कोटनाला, सतीशचंद्र बौड़ाई आदि उपस्थित रहे।