नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के अंतर्गत वानप्रस्थ क्षेत्र में लगाए गए गंदगी के ढेर सप्ताहभर बाद भी जस के तस हैं। जगह-जगह डंप किए गए कचरे को जल्द हटाने का दावा करने वाली नगर निकाय और धार्मिक संस्था परमार्थ निकेतन ने मुख्य मार्ग पर जमा गंदगी के ढेरों की सफाई करना मुनासिब नहीं समझा।
जबकि, इसी एकमात्र मुख्य मार्ग से रोजाना तीर्थनगरी आने वाले हजारों देसी और विदेशी सैलानी गुजरते हैं। कूड़े से उठ रहे दुर्गंध से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। तीर्थक्षेत्र और गंगा स्वच्छता से जुड़ी इस समस्या को अमर उजाला ने रविवार के अंक में ‘शूटिंग कर लौटी टीम, छोड़ गई गंदगी’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
तब उक्त दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने समस्या के जल्द समाधान का दावा किया था, मगर रविवार को किसी ने इस ओर गौर नहीं किया। परिणामस्वरूप क्षेत्र से गुजर रहे यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग गंदगी से उठने वाली दुर्गंध से परेशान हो रहे हैं।
गौरतलब है कि गत 20 दिसंबर को क्षेत्र में नगर पालिका ऋषिकेश के करीब 150 सफाई कर्मचारियों की सफाई के बाद गंगा घाटों और मुख्य मार्गों पर बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने ‘गंगा सोल ऑफ इंडिया’ डॉक्यूमेंट्री फिल्म के लिए सफाई के दृश्य फिल्माए थे। इसके बाद एकत्रित गंदगी को स्वर्गाश्रम-चौरासी कुटिया मुख्य मार्ग पर डंप कर दिया गया।
मुख्य मार्ग पर जमा गंदगी के ढेर को साफ करने के लिए आश्रम प्रबंधन से बात की जा चुकी है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।-शकुंतला राजपूत, अध्यक्ष नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक।
आश्रम के सफाई अभियान के दौरान जमा गंदगी के ढेर को साफ करवा दिया गया था। मुख्य मार्ग पर जमा गंदगी आश्रम के सफाई अभियान का नहीं है।-रामा अनंत तिवारी, प्रबंधक परमार्थ निकेतन आश्रम।
एक ही रात में पलटे आश्रम प्रतिनिधि
शनिवार को गंदगी के ढेरों को हटाने के बाबत आश्रम के एक प्रतिनिधि ने शूटिंग के दौरान की गई साफ सफाई के बाद जमा कूड़े कचरे को शीघ्र हटाने की बात कही थी। उनका तर्क था कि इस बाबत नगर पालिका ऋषिकेश से कचरा उठान की मांग की जा रही है। जबकि, रविवार को आश्रम प्रबंधक ने इससे पल्ला झाड़ लिया।
आश्रम के प्रबंधन का कहना है कि आश्रम और आसपास साफ सफाई के दौरान एकत्रित कूड़े कचरे का निस्तारण कर दिया गया था। उनका कहना है कि उक्त कूड़े के ढेर उनकी सफाई अभियान का हिस्सा नहीं हैं।