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भोले के जयकारों से गूंजा नीलकंठ महादेव मंदिर

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नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक को जाते कांवड़िए। - फोटो : RISHIKESH
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श्रावण मास के चौथे दिन शनिवार को नीलंकठ महादेव मंदिर में 48 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बम भोले के जयकारे से तीर्थनगरी समेत मणिकूट पर्वत गुंजायमान रहा। देर रात तक रामझूला पुल और नीलकंठ पैदल मार्ग पर कांवड़ियों की आवाजाही बनी रही। अब तक कुल 1 लाख 39 हजार 160 श्रद्धालु नीलकंठ मंदिर मेें जलाभिषेक कर चुके हैं।
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शनिवार को तड़के से ही शिवालयों में जलाभिषेक को शिव भक्तों का सैलाब उमड़ा। मौसम में उमस और तेज धूप के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर बाद कांवड़ियों की भीड़ में अचानक बढ़ोतरी हुई। इससे रामझूला पुल अत्यधिक दबाव बढ़ गया। तीर्थनगरी समेत, बैराज मार्ग, रामझूला पुल, स्वर्गाश्रम, नीलकंठ पैदल मार्ग भोले के जयकारों से गुंजायमान हुआ। कांवड़ यात्रा के पहले दिन 30 हजार, दूसरे दिन 19 हजार और तीसरे दिन 22 हजार और चौथे दिन शाम छह बजे तक 48 हजार 480 कांवड़ियों ने नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक किया।
इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद नजर आई। ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए मुनिकीरेती क्षेत्र में एसपीओ भी मैदान में उतर गए हैं। दोपहर बाद पीडबल्यूडी तिराहे से शिवानंद पार्किंग जाने के लिए बेरिकेडिंग के एक तरफ कांवड़िये और एक तरफ से दो पहिया वाहनों को भेजा गया। ट्रैफिक सुचारु रूप से चालू रखने को पीडबल्यूडी तिराहे से वाहनों का रूट बाईपास मार्ग पर डायवर्ट किया गया। मौनी बाबा से कांवड़ियों को लक्ष्मणझूला और बैराज तक ले जाने के लिए टैक्सी वाहन लगे हैं। गरुड़चट्टी पुल के समीप भी टैक्सी पार्किंग बनाई गई है।
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और फट गई रामझूला पुल पर बिछी चादर
रामझूला पुल पर सुरक्षा के लिए लगाई गई सफेद प्लास्टिक चादर तेज हवा के कारण कई जगहों पर फट गई। पुल से आने जाने वाले लोगों ने फिर से पुल पर सेल्फी लेना शुरू कर दिया है। इसके कारण कई बार पुल पर जाम की स्थिति बनी। आनन फानन में नई प्लास्टिक की सफेद चादर को पुल पर दोबारा बिछाया गया। इसके बाद जाकर सेल्फी खींचने वालों पर लगाम लग सकी।
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