बीएसएफ इंस्टीट्यूट आफ एडवेंचर एंड एडवांस ट्रेनिंग डोईवाला की ओर से ‘क्लीन गंगा सेव गंगा’ अभियान के तहत चतुर्थ रुस्तमजी बीएसएफ उत्तराखंड टूरिज्म व्हाइट वाटर राफ्टिंग चैलेंज कप-2019 प्रतियोगिता का शुभारंभ पीजी कॉलेज उत्तरकाशी की प्राचार्य और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित डॉ. हर्षवंती बिष्ट ने मालाकुंठी से झंडी दिखाकर किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा हमारी मां है, इसे स्वच्छ रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) क्लीन गंगा, सेव गंगा अभियान चलाकर गंगा को स्वच्छ रखने के लिए अहम योगदान निभा रहा है। इस मौके पर आर्मी, एयरफोर्स, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, उत्तराखंड पुलिस, जीएमवीएन, केएमवीएन, यूएफओ, आईपीआरपो, यूकेआरओ की राफ्टिंग टीमों ने प्रतिभाग किया। कुल 19 पुरुष राफ्टिंग टीमों ने मैराथन में प्रतिभाग किया। इन टीमों ने मालाकुंठी से नीम बीच तक कुल 28 किलोमीटर की मैराथन की। इसके अलावा पांच महिला टीमों ने आठ सौ मीटर की स्प्रिंट में प्रतिभाग किया।
इससे पूर्व बीआईएएटी के कमांडेंट राजकुमार नेगी ने बताया कि बीएसएफ साहसिक खेलों के माध्यम से जनमानस में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए संकल्पबद्ध है। यह स्वच्छ भारत अभियान का ही एक भाग है। उन्होंने बताया कि बीएसएफ के जनक व प्रथम महानिदेशक रुस्तम जी की याद में यह कार्यक्रम का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। इस मुहिम के तहत गंगा की पवित्रता एवं निर्मलता, स्वच्छता बनाने के लिए घाटों की सफाई और जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
कार्यक्रम में आईटीबीपी के डीआईजी गंभीर सिंह चौहान, उत्तराखंड टूरिज्म के सचिव विवेक चौहान, सेकेंड इन कमांडेंट अर्जुन सिंह भंडारी, मनोज पैंयूली, डिप्टी कमांडेट पीके जोशी, दिनेश कुमार, बीएस रावत, अर्जुन रतूड़ी, पवन सिंह पंवार, सीनियर चिकित्सा अधिकारी डॉ. उपेन्द्र यादव आदि उपस्थित रहे।