अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान एम्स स्टाफ ने उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर आक्रोशित परिजनों को शांत कराया।
मुनीरगंज, नजीबाबाद निवासी रफीक अहमद ने बताया कि शुक्रवार की सुबह वह अपनी पत्नी फरजाना (48) को इलाज के लिए एम्स में लेकर आए थे। उल्टी-दस्त और शुगर की शिकायत होने पर उन्होंने उसे एक चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने हालत देख उनकी पत्नी को भर्ती कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक ने मरीज का स्वयं उपचार न करके प्रशिक्षुकों के भरोसे छोड़ दिया। जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई।
दोपहर बाद उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। उन्होंने चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। महिला की मौत पर परिजन भड़क उठे। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। वहीं, मामले की सूचना मिलने पर आईडीपीएल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ।
महिला शुगर की मरीज थी। उपचार के दौरान महिला का शुगर लेवल काफी बढ़ गया था। उचित उपचार के बाद भी महिला की मौत हो गई। यदि परिजनों को इलाज में कोई संदेह है तो वह महिला के शरीर का पोस्टमार्टम कराकर सही स्थिति जान सकते हैं। -हरीश थपलियाल, पीआरओ, एम्स ऋषिकेश।