फिल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा की डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग के लिए तीर्थ क्षेत्र में की गई साफ सफाई नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की लापरवाही और परमार्थ निकेतन आश्रम की उदासीनता के कारण देश-दुनिया के सैलानियों और स्थानीय लोगों पर भारी पड़ रही है।
पूरे क्षेत्र का कचरा दो स्थानों पर डंप कर दिया गया है। मगर करीब एक सप्ताह बाद भी किसी ने इसके उठान और उपयुक्त निस्तारण की सुध नहीं ली। ऐसे में कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
तीर्थनगरी में गंगा की सफाई को लेकर किए जाने वाले स्वच्छता अभियानों का ड्रामा अब बाकायदा फिल्म के जरिये भी प्रसारित किया जाने लगा है।
मगर इसकी स्याह हकीकत कुछ और ही है। गत 20 दिसंबर को बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने परमार्थ निकेतन में गंगा सोल ऑफ इंडिया डॉक्यूमेंट्री फिल्म के कुछ दृश्य फिल्माए थे। परमार्थ निकेतन आश्रम के सहयोग से नगरपालिका ऋषिकेश के करीब 150 सफाई कर्मचारी शूटिंग के दौरान गंगा तटों की सफाई के लिए बुलाए गए थे।
इसके बाद विभिन्न मार्गों और गंगा घाटों पर की गई साफ-सफाई के दृश्य फिल्माए गए। फिल्मांकन के दौरान क्षेत्र की सफाई कर कूड़े कचरा वानप्रस्थ आश्रम के समीप मुख्य मार्ग पर और वेद निकेतन धाम के करीब डंप कर दिया गया। शूटिंग के बाद टीम तो लौट गई, मगर अब सार्वजनिक स्थानों पर जमा किए गए कूड़े के ढेर से देशी-विदेशी सैलानी और स्थानीय लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
हैरत की बात है कि सप्ताहभर बाद भी न तो यहां डंप की गई गंदगी हटाने की धार्मिक संस्था ने जहमत उठाई और न ही निकाय ने कचरे का उठान कराना उचित समझा। लिहाजा मार्ग से हर रोज गुजरने वाले हजारों पर्यटकों को दुर्गंध से बचने के लिए नाक और मुंह बंद कर जाना पड़ रहा है।
इनकी सुनिए
20 दिसंबर का कार्यक्रम परमार्थ निकेतन और नगरपालिका ऋषिकेश का था। डॉक्यूमेंट्री फिल्म में सफाई का दृश्य था। आसपास जमा गंदगी के ढेर हटाने की जिम्मेदारी परमार्थ निकेतन की थी। अगर संस्था उसे नहीं हटाती है तो हम जल्द ही अपने सफाई कर्मचारियों से सफाई करा देेंगे।-शकुंतला राजपूत, अध्यक्ष नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक।
मार्ग पर जमा की गई गंदगी के उठान के लिए अध्यक्ष, नगर पालिका ऋषिकेश से संपर्क किया गया है। जल्द ही मुख्यमार्ग पर जमा गंदगी को साफ कर दिया जाएगा।-राममहेश मिश्र, प्रवक्ता, परमार्थ निकेतन आश्रम।