उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, ऋषिकेश शाखा में कार्यरत एक दैनिक जमा अभिकर्ता पर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का आरोप लगा है। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले में जांच शुरु कर दी है।
उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, ऋषिकेश शाखा के सचिव व महाप्रबंधक एसएस राणा ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। राणा ने पुलिस को बताया कि दीपक बढ़ई निवासी गुरुद्वारा गली, धोबी घाट ऋषिकेश बैंक में दैनिक जमा अभिकर्ता के रूप में कार्यरत था। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में शाखा प्रबंधक लक्ष्मण झूला रोड ने सभी डीडीएस खातों की पासबुक सत्यापन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। लेकिन दीपक बढ़ई ने शुरुआत में पासबुक प्रस्तुत नहीं की और लगातार अनुरोध के बावजूद केवल कुछ पासबुक ही आंशिक रूप से जमा कराई। इस पर बैंक ने उसका कलेक्शन कार्य रोकते हुए डीडीएस मशीन भी जब्त कर ली। इसके बावजूद अब तक पांच सक्रिय खातों की पासबुक लंबित हैं। महाप्रबंधक राणा ने बताया कि दीपक की ओर से प्रस्तुत पासबुकों के सत्यापन के दौरान पासबुक में दर्ज शेष राशि और बैंक के सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) में उपलब्ध राशि के मिलान में 12,31,458 का अंतर पाया गया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले में जांच शुरु कर दी गई है।