जौलीग्रांट। हिम्स जौलीग्रांट में 100वां सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरा होने पर शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किडनी डोनर, ट्रांसप्लांट करा चुके मरीजों और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया। एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि 100 सफल किडनी ट्रांसप्लांट हिम्स जौलीग्रांट की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि हिमालयन अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं का विस्तार करते हुए भविष्य में लिवर, हृदय और पैनक्रियाज ट्रांसप्लांट भी किए जाएंगे। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विकास चंदेल ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट जटिल प्रक्रिया है, जिसमें नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर और नर्सिंग समेत विभिन्न विभागों के समन्वय से मरीज को उपचार दिया जाता है। यूरोलॉजिस्ट डॉ. शिखर अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक ट्रांसप्लांट चुनौतीपूर्ण होता है और 100 सफल ट्रांसप्लांट टीम के अनुभव, विशेषज्ञता और निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। कार्यक्रम में डोनर और मरीजों के परिजन भी शामिल हुए। इनमें एक महिला ने अपने पति और एक अन्य डोनर ने अपने बेटे को किडनी दान की है। कुलपति डॉ.राजेंद्र डोभाल, डीन डॉए शरीफ, डॉ रेनू धस्माणा, डॉ हेमचंद्र पांडेय, डॉ राजेश माहेश्वरी, डॉ विकास चंदेल, डॉ शिखर अग्रवाल, डॉ राजीव सरपाल आदि मौजूद रहे।
इन बातों का ध्यान रखना जरूरी
जौलीग्रांट। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ विकास चंदेल और यूरोलॉजिस्ट डॉ शिखर अग्रवाल ने कहा कि किडनी की बीमारी को शुरुआती स्तर पर पहचानना बेहद जरूरी है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से किडनी की जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही नमक का सीमित सेवन, पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाना जरूरी है। चिकित्सकीय सलाह के बिना दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से भी बचना चाहिए।