जल्द ही एसडीआरएफ अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी, जिससे आपदाओं व दुर्घटनाओं के दौरान मानव जीवन का बचाव कार्य और अधिक आसान हो जाएगा। मुख्यालय स्तर पर उपकरणों की खरीद प्रक्रिया गतिमान है। 16 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं।
2013 की भीषण केदारनाथ आपदा के बाद राज्य में आपदा राहत कार्यों के लिए अलग से दल गठन किए जाने की आवश्यकता महसूस हुई। 9 अक्तूबर, 2013 को राज्य आपदा मोचन बल उत्तराखंड के गठन के लिए शासनादेश जारी किया गया और दो कंपनियों के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई।फरवरी 2014 में नागरिक पुलिस, पीएसी, आईआरबी, वायरलेस, अग्निशमन सेवा एवं अन्य आनुषंगिक शाखाओं से प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनाती की गई। विधिवत रूप से मार्च 2014 में एसडीआरएफ का गठन किया गया। एसडीआरएफ आपदा व दुर्घटनाओं के दौरान रेस्क्यू अभियानों में बेहतर कार्य कर रही है। पिछले तीन वर्षों में ही एसडीआरएफ ने विभिन्न आपदाओं व दुर्घटनाओं में 2742 रेस्क्यू अभियान चलाकर 36552 लोगों की जान बचाई है। वहीं 1537 शवों काे निकाला है। अब एसडीआरएफ को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत किया जा रहा है। रेस्क्यू अभियान को आसान बनाने व मानव जीवन को बचाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इनमें लाइट, डीप डाइविंग, हाई एल्टीट्यूट, रोप रेस्क्यू व सामान्य पानी में रेस्क्यू के अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं। जल्द उक्त सभी उपकरण एसडीआरएफ को उपलब्ध हो जाएंगे।