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Rishikesh News: पेड़ों के कटान के विरोध में 15 जुलाई को काला हरेला मनाएंगे पर्यावरण प्रेमी

Thu, 09 Jul 2026 08:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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पर्यावरण प्रेमियों का एलान, हरेला पर्व पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी
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सरकार के एक हाथ में कुल्हाड़ी और दूसरे हाथ में पौधे को पानी देने का दिखावा कर रही : हिमांशु
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन के लिए संरक्षित प्रजाति के तीन हजार से अधिक पेड़ों के कटान के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों ने 15 जुलाई को पूरे प्रदेश में काला हरेला मनाने का एलान किया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार एक ओर हरेला पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, जबकि दूसरी ओर सैकड़ों वर्ष पुराने पेड़ों को काटने की अनुमति देकर जंगलों को नुकसान पहुंचा रही है।
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन मार्ग के लिए इन दिनों पेड़ों के कटान का कार्य चल रहा है। करीब 19 किमी के दायरे में तीन हजार से अधिक पेड़ों को काटा जाना है। सबसे खास बात यह है कि जिस क्षेत्र में कटान होना है वहां अधिकांश पेड़ 100 साल पुराने बताए जा रहे हैं और संरक्षित प्रजाति के पेड़ हैं।
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पर्यावरण प्रेमी पेड़ों के कटान का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को पर्यावरण प्रेमियों ने देहरादून स्थित एनएचएआई के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था। पर्यावरण प्रेमी हिमांशु अरोड़ा ने कहा कि सरकार हरेला पर्व पर प्रतीकात्मक रूप से एक पौधा लगाकर फोटो खिंचवाती है, जबकि दूसरी ओर दशकों और सैकड़ों वर्ष पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है।
उनका आरोप है कि सरकार के एक हाथ में कुल्हाड़ी और दूसरे हाथ में पौधे को पानी देने का दिखावा है। अनूप नौटियाल ने कहा कि एक पौधा लगाने से उन पुराने पेड़ों की भरपाई नहीं हो सकती, जिन्हें तैयार होने में कई पीढ़ियां लगती हैं।
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पर्यावरण प्रेमी सुरेश भाई ने कहा कि राज्य और केंद्र के वन और पर्यावरण मंत्रालय को अपने पेड़ बचाने की फुर्सत ही नहीं है, जो भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। पर्यावरण प्रेमियों ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि 15 जुलाई को काला हरेला दिवस मनाकर विरोध प्रदर्शित करें। हिमांशु अरोड़ा ने बताया कि काला हरेला के तहत काले कपड़े पहन कर कटे हुए पेड़ों के फोटो सोशल मीडिया में भी साझा की जाएगी।
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