जेट एयरवेज के दून एयरपोर्ट पहुंचे विमान में बम होने की सूचना पर ढाई घंटे चले सर्च अभियान के दौरान यात्रियों को एयरपोर्ट में ही कैद होकर रहना पड़ा। अभियान के दौरान बुजुर्ग यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान एयरपोर्ट से हवाई सेवा प्रभावित रही, जिससे दूसरे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
मंगलवार दोपहर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे जेट एयरवेज के विमान में बम होने की सूचना पर एयरपोर्ट को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। रनवे पर विमान खडे़ होने वाले स्थान के आसपास के घरों में भी आवश्यक पुलिस बल तैनात कर दिया गया। विमान से सुरक्षित निकालकर लाए गए सभी 148 यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही रखा गया। एयरपोर्ट पर अंदर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बाहर से कुर्सियां मंगाई र्गइं।
शाम पौने सात बजे सबसे पहले हैंडबैग वाले यात्रियों को छोड़ा गया। बाहर आकर यात्रियों ने असुविधा होने पर रोष जताया। नवीन कान्याल ने बताया कि सर्च अभियान के लिए यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट के अंदर बैठाया गया। मुंबई से आए रजनीश और रामचंद्र ने बताया कि चेकिंग के लिए यात्रियों को घंटो एयरपोर्ट के अंदर रखने का कोई औचित्य नहीं है।
यात्री राहुल श्रीधर ने बताया कि मुंबई से वह किसी विभागीय काम से दून आए है। छानबीन के नाम पर घंटों एयरपोर्ट के अंदर के ही होकर रह गए। सर्च अभियान समाप्त होने के बाद यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए दिक्कतें उठानी पड़ी।