बढ़ेगी ड्रोन की संख्या
वर्तमान में एम्स में नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा के लिए दो ड्रोन उलब्ध हैं। ड्रोन की संख्या भी बढ़ाई जाएंगी। जिससे उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ ही नए स्थानों को भी सेवा से जोड़ा जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर भी उक्त सेवा को उपलब्ध कराए जाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नमो ड्रोन दीदी निभा रही अहम भूमिका
इस सेवा में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की भूमिका अहम है। एम्स से जिस पहाड़ी स्वास्थ्य केंद्र में ड्रोन से दवाइयां आदि भेजी जाएंगी वहां ड्रोन से सामग्री उतारना या इस पर सामग्री चढ़ाने का कार्य महिलाएं करेंगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार और एनएचएसआरसी की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। भविष्य में यही महिलाएं ड्रोन भी उड़ाएंगी। इन महिलाओं को नमो ड्रोन दीदी का नाम दिया गया है। उक्त सेवा में दो महिलाएं पायलट के रूप में भूमिका निभा रही है। पायलट ममता रतूड़ी एम्स ऋषिकेश और पायलट पुष्पा चौहान चंबा में तैनात हैं। दोनों महिला पायलट को डीजीसीए से लाइसेंस प्राप्त है।
एक सप्ताह के भीतर नरेंद्रनगर, हरिद्वार और रुड़की के लिए नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा शुरू कर दी जाएगी। सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
- डाॅ. जितेंद्र गैरोला, नोडल अधिकारी, ड्रोन मेडिकल सेवा, एम्स