करीब चार महीने बाद मौन गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो गई है। पेयजल किल्लत की समस्या को दूर करने को लेकर दिसंबर में ग्रामीणों ने पौड़ी डीएम को ज्ञापन भेजकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी।
ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम के निर्देश पर जल संस्थान कोटद्वार हरकत में आया। रविवार को जल संस्थान की ओर से एक टीम गांव में भेजी गई। करीब दो दिनों के बाद पेयजल लाइन मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।
सोमवार को सभी प्रभावित घरों में पानी पहुंच गया है। हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को पानी कुछ ही देर आया। दो बाल्टी ही भर पाए, लेकिन जल संस्थान के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि दो दिन टेस्टिंग होने के बाद पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से होगी।
मौन गांव में आधे दर्जन परिवारों को आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइन करीब दो दशक पुरानी होने के चलते जर्जर हो चुकी थी। इस पाइप में कचरा भी फंसा हुआ था। सहायक अभियंता जल संस्थान कोटद्वार अमिता ने बताया कि वाल्व लगने के बाद गांव के सभी परिवारों को नियमानुसार समय से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए वॉलमेन भी रखा जाएगा। दो दिन टेस्टिंग के बाद पेयजल सुचारु रहेगा।