प्रति केस 280 रुपये बढ़ाने की मांग, नसबंदी अभियान ठप होने से बढ़ी आवारा कुत्तों की समस्या
- एजेंसी ने नगर निगम से प्रति केस 20 फीसदी बढ़ोत्तरी का रखा था प्रस्ताव
- महीने में चार बार आती है एजेंसी की टीम
ऋषिकेश। नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों की नसबंदी का अभियान करीब 15 दिन से ठप पड़ा है। नसबंदी करने वाली एजेंसी ने प्रति केस भुगतान 20 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की थी। मौजूदा दर 1400 रुपये प्रति केस है, जबकि एजेंसी 280 रुपये बढ़ाकर 1680 रुपये करने की मांग कर रही थी। निगम प्रशासन की ओर से मांग खारिज किए जाने के बाद एजेंसी ने ऋषिकेश क्षेत्र में कुत्ते पकड़ने का काम बंद कर दिया है। इसके चलते विभिन्न वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या और उनके काटने की घटनाओं पर लोगों की परेशानी बढ़ रही है।नगर निगम देहरादून ने कुत्तों की नसबंदी के लिए करीब तीन साल पहले एक एजेंसी के साथ अनुबंध किया था। यही एजेंसी ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में भी नसबंदी का काम करती है। एजेंसी की टीम हर सप्ताह ऋषिकेश के अलग-अलग वार्डों से कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के लिए देहरादून ले जाती थी। एक महीने में करीब 30 से 34 कुत्तों को नसबंदी के लिए देहरादून भेजा जाता था। अनुबंध के तहत प्रति केस 1400 रुपये का भुगतान किया जाता है जिसमें परिवहन खर्च भी शामिल है। एजेंसी ने भुगतान दर बढ़ाने की मांग नगर निगम ऋषिकेश के समक्ष रखी थी लेकिन निगम प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद करीब 15 दिन से एजेंसी की टीम ऋषिकेश नहीं पहुंची है।
नसबंदी अभियान रुकने से कई वार्डों में कुत्तों की संख्या बढ़ने और काटने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है।
कोट-
एजेंसी की ओर से कुत्तों की नसबंदी करने के लिए नगर निगम देहरादून से साथ अनुबंध हुआ है। नगर निगम ऋषिकेश के साथ कोई अनुबंध नहीं हुआ। एजेंसी ऋषिकेश में भी काम करती है। यदि नगर निगम देहरादून रेट बढ़ाता है तो तभी बढ़ा हुआ भुगतान किया जाएगा।- विजय नाथ शुक्ल, नगर आयुक्त ऋषिकेश