लक्ष्मणझूला स्थित स्टेट एलोपैथिक डिस्पेंसरी बीते चार महीने से एकमात्र फार्मासिस्ट के भरोसे जैसे तैसे चल रहा है। यहां चार महीने से चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जिससे क्षेत्र में देश दुनिया से आने वाले सैलानियों और स्थानीय लोगों को सामान्य उपचार के लिए भी मुनिकीरेती और ऋषिकेश क्षेत्र के चिकित्सालयों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महत्वपूर्ण तीर्थ और पर्यटन स्थल पर स्थापित एकमात्र एसएडी की समस्या स्वास्थ्य विभाग को पता है फिर भी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही। अफसरों की लापरवाही आम जनता पर भारी पड़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय तीर्थ एवं पर्यटन स्थल स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में देश ही नहीं दुनियाभर के देशों के श्रद्धालुओं और सैलानियों की आवाजाही वर्षभर बनी रहती है।
यहां रोजाना हजारों की तादाद में देसी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। मगर इनके लिए यहां खास तो दूर सामान्य चिकित्सकीय सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। बता दें लक्ष्मणझूला में एकमात्र स्टेट एलोपैथिक डिस्पेंसरी स्थापित है। एसएडी बीते चार महीने से चिकित्सक की कमी से जूझ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जून- 2015 में अस्पताल में तैनात एकमात्र चिकित्सक का तबादला हो गया था। उसके बाद यहां एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति की गई। मगर उनका भी बीते अगस्त महीने में गोपेश्वर तबादला कर दिया गया। इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय तीर्थ एवं पर्यटन स्थली की एसएडी चिकित्सक के बिना जैसे-तैसे संचालित हो रही है।
लोगों की मानें तो यहां तैनात फार्मासिस्ट से लोगों को सामान्य रोगों के लिए सर्दी, जुकाम, खांसी दवाइयां मिल जाती हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऋषिकेश के एसपीएस राजकीय चिकित्सालय या अन्य निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। यह मामला स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में होने के बावजूद देश-दुनिया के पर्यटकों की आमद वाले इस क्षेत्र में एकमात्र एसएडी में स्थायी चिकित्सक की तैनाती नहीं की जा रही है।
इनकी सुनिए
मामला संज्ञान में है। विभाग चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। जल्द ही डिस्पेंसरी में चिकित्सक की तैनाती के प्रयास किए जाएंगे। जिससे स्थानीय लोगों और सैलानियों को चिकित्सा में दिक्कत नहीं आए।-मनीष अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी।