ऋषिकेश। बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए खास उपाय अमल में आने वाले हैं। नई व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालु गर्भ गृह में रुककर बाबा केदार को चंदन और मक्खन का लेप नहीं लगा पाएंगे। इसके अलावा अब केदारनाथ के दर्शनों में वीआईपी व्यवस्था को भी खत्म करने पर विचार हो रहा है।
यह निर्णय शनिवार को नगर निगम सभागार में गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन ने चारधाम यात्रा की तैयारियों के लिए बुलाई गई बैठक के दौरान लिया। दरअसल केदारनाथ में बीआईपी मूवमेंट की अधिकता तथा गर्भ गृह में देर तक पूजा करने के चलते अन्य दर्शनार्थियों को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता है। इससे भीड़ बेकाबू होने का खतरा बना रहता है। बदरीनाथ में भी दूर से ही दर्शनों की व्यवस्था है। लिहाजा इस फार्मूले को केदारनाथ में भी आजमाने पर विचार किया जा रहा है।
गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन की अध्यक्षता में शनिवार को गढ़वाल मंडल के जिलाधिकारियों, पुलिस अफसरों सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों की बैठक ली गई। बैठक में पिछले वर्ष की चारधाम यात्रा में सुधार लाने के लिए सुझाव मांगे गए। इस दौरान गढ़वाल आयुक्त की ओर से जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चारधाम यात्रा के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। बैठक में यात्रा मार्ग, शौचालय, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, पुलिस विभाग की तैयारी, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभाग की भूमिका, दूरसंचार, खाद्यान्न व्यवस्था, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की तैयारियों को लेकर वार्ता की गई। आयुक्त रविनाथ रमन में सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अफसरों सहित विभिन्न अधिकारियों को अगली बैठक तक कार्यों की प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है।
बैठक में यह जारी हुए महत्वपूर्ण निर्देश
- सुलभ की ओर से लगने वाले 132 शौचालयों की संख्या में विस्तार।
-सभी जिलाधिकारी संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से शौचालय व्यवस्था को लेकर वार्ता कर स्थान चिह्नित करें।
-शौचालय की सफाई व्यवस्था में तैनात सुपरवाइजर व्हाट्सअप से फोटो उच्चाधिकारियों को भेजेगा।
- यात्राकाल के दौरान रोड कटिंग का काम बिल्कुल नहीं होगा। मलबा हटाने का काम भी प्रतिबंधित रहेगा।
- बाहरी लग्जरी बसों को ग्रीन कार्ड जारी करने से पूर्व चालकों को पहाड़ी रूटों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
- यात्रा के पीक समय में जिलाधिकारी रैनबसेरों की व्यवस्था करेंगे। जीएमवीएन टैंट की व्यवस्था करेगा।
- परिवहन विभाग यात्रा मार्ग पर जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर ओवर लोडिंग, ओवर स्पीड रोकेगा ।
- स्वास्थ्य विभाग केदारनाथ के यात्रियों के लिए कॉर्डियोलॉजिस्ट सहित चारों धामों में चिकित्सक तैनात होंगे।
- पेयजल विभाग यात्रा मार्ग पर 24 घंटे पानी आपूर्ति करेगा। होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट सहित प्राकृतिक स्त्रोत का उपयोग होगा।
- यात्रा प्रारंभ से पूर्व चारों धामों सहित हेमकुंड साहिब में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था होगा। उरेडा विद्युत आपूर्ति के साथ अतिरिक्त जनरेटर मुहैया कराएगा।
- यात्रा रूट पर खाद्यान्न विभाग गोदामों में समुचित मात्रा में अन्न भंडारण की व्यवस्था करेगा।
- केदारनाथ धाम में यात्रियों को बारिश से बचाने के लिए टीन शेड की व्यवस्था मंदिर समिति करेगी।
- यात्रा मार्ग पर पॉलिथीन का प्रयोग बंद रहेगा। पानी की बोतल सहित चिप्स के पैकेट भी प्लास्टिक के बंद पैकेट में वर्जित रहेंगे।
- दुकानदार यात्रियों से सामान को दोगुने दाम में नहीं बेच सकेगा। जिलाधिकारी अपने स्तर पर करेंगे निगरानी।
- केदारनाथ सहित अन्य धामों में जाने वाले घोड़ा, खच्चरों का मेडिकल फिटनेस होगा। एक व्यक्ति एक घोड़ा तथा एक खच्चर को संचालित कर सकेगा।
- यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व यात्रा मार्गों पर फूड इंस्पेक्टर की तैनाती सुनिश्चित होगी।
- परिवहन विभाग इस वर्ष से ग्रीन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करवाएगा।
- केदारनाथ में यात्रियों की सुविधा के लिए एटीएम बूथ की व्यवस्था की जाएगी।