वर्ष 2013 में दैवी आपदा के बाद मंद पड़ी चारधाम यात्रा ने वर्ष 2016 में रफ्तार पकड़ी है। देवधामों के प्रति श्रद्घालुओं में फिर से जगी आस्था ही है कि 21 दिन में बदरीनाथ दो लाख से अधिक और केदारनाथ सवा लाख से अधिक श्रद्घालु दर्शन को पहुंच चुके हैं। जबकि बीते वर्ष पूरे यात्रा सीजन में बदरीनाथ 3,66,455 और केदारनाथ 1,54,355 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे।
उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्घ चारधाम यात्रा का आगाज सात मई को हुआ था, तब से देवधामों के दर्शन के लिए गुजरात, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, हैदराबाद से श्रद्घालु चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी का रुख कर रहे हैं।
बीटीसी परिसर श्रद्घालुओं से पटा पड़ा है। यह चहल पहल दो साल बाद देखने को मिली है। दरअसल वर्ष 2013 में केदारघाटी में जल प्रलय से हुई भीषण तबाही के खौफ से बाहरी प्रांतों के श्रद्घालुओं ने उत्तराखंड का रुख नहीं किया। अब फिर से श्रद्घालुओं में आस्था जगी और उनका काफिला लगातार देवधाम की ओर बढ़ रहा है।
यात्रा प्रशासन संगठन के व्यैक्त्तिक सहायक एके श्रीवास्तव ने बताया कि सात मई से 27 मई तक बदरीनाथ 212325, केदारनाथ 119256, गंगोत्री 120562 और यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्घालुओं की संख्या 78,894 पहुंच चुकी है। वर्ष 2015 में पूरे यात्रा सीजन में यात्रियों की कुल संख्या 8,72,529 थी, इस बार 20 दिन में 5,37,945 है।