एम्स में बीते दिनों महिला चिकित्सक के साथ परीक्षक की ओर की गई घटना पर संत समाज ने विरोध जताया है। इसके लिए संत समाज ने केंद्र सरकार से एम्स परीक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय संत समिति उत्तराखंड एवं विरक्त वैष्णव मंडल समिति ऋषिकेश के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज ने कहा कि एम्स में तिलक के कारण महिला चिकित्सक के साथ अभद्रता करने वाले परीक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। कहा, तिलक और महिला का अपमान सनातन धर्म का अपमान है। तिलक सनातन धर्म की पहचान है।
वहीं सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा डाॅ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने भी घटना पर नाराजगी जताई है। डॉ. भट्ट ने कहा कि माथे पर तिलक किसी पंथ अथवा जाति की तरफ इशारा नहीं करता है, बल्कि यह सनातन धर्म की परंपरा है। डॉ. घिल्डियाल ने कहा वह इस संबंध में शुक्रवार को एम्स निदेशक से मिलेंगे।