चंद्रेश्वर नगर स्थित मुक्तिधाम में अपने पिता को मुखाग्नि देती उनकी पुत्री।
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ऋषिकेश। रुढ़ीवादी परंपरा को तोड़ एक बेटी ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया है। अद्वैतानंद मार्ग निवासी हरीश आहूजा की मंगलवार को निधन हो गया। आहूजा के कोई पुत्र न होने के कारण लोगों में सुगबुगाहट शुरू हुई कि अब उनके चिता को मुखाग्नि कौन देगा। तब उनकी उनकी पुत्री आवास विकास निवासी रोमा सहगल ने एक बेटे का फर्ज निभाया। उन्होंने चंद्रेश्वरनगर स्थित मुक्तिधाम घाट पर विधिविधान के साथ अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। घाट पर इस दृश्य को देख लोगों की आंखे गमगीन हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान संदीप गुप्ता, कपिल गुप्ता, पंकज गुप्ता, इंद्रकुमार गोदवानी, राजपाल ठाकुर, अनिल किंगर, दीपक जाटव आदि थे।