देहरादून (जौलीग्रांट) एयरपोर्ट विस्तारीकरण करने के लिए टिहरी बांध विस्थापितों की जमीनों की अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बांध विस्थापितों ने एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अपनी एक इंच भी जगह देने से इनकार कर दिया है। जमीनों का अधिग्रहण करने का विरोध करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 20 नवंबर को बांध विस्थापितों ने प्रभावित लोगों की बैठक बुलाई है।
रविवार को विस्थापित क्षेत्र अठूरवाला कंडल में टिहरी बांध विस्थापितों के साथ जौलीग्रांट के ग्रामीणों ने बैठक की। जिसमें एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर आक्रोश जताया गया। लोगों का कहना था कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से पहले से उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। विस्थापित क्षेत्र के निवासी गजेंद्र सिंह रावत और कमल सिंह राणा ने बताया कि पिछले कई दिनों से विभागीय अधिकारी एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए समीपवर्ती क्षेत्रों के घरों और दुकानों आदि की नाप-जोख कर रही है।
जिससे एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। बताया गया कि टिहरी बांध परियोजना के लिए पहले उन्होंने अपने गांव की जमीन दी। सरकार ने उन्हें अठूरवाला जौलीग्रांट में बसाया। अब देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से उन्हें भय सता रहा है। उन्होंने बताया कि 2008 में टिहरी विस्थापितों ने ही एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए जमीन दी थी।
लेकिन अब एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए एक इंच भी जमीन नहीं दी जाएगी। इसके लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि का विरोध किया जाएगा। 20 नवंबर को भानियावाला में बैठक होगी। जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में अमित मनवाल, विक्रम सिंह भंडारी, हेमचंद सिंह राणा, कुशाल सिंह, राजेंद्र सिंह, पंचम सिंह आदि थे।