नीलकंठ से जलाभिषेक कर अपने घर की ओर जाते शिवभक्त।
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ऋषिकेश। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को नीलकंठ धाम, चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर, वीरभद्र महादेव मंदिर के शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे से ही मंदिरों में घंटे और शंख की ध्वनियां गूंजने लगी। शिवालयों के बाहर शिवभक्तों की लंबी लाइन लगी रही।
सोमवार को नीलकंठ पैदल मार्ग सुबह से बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। शिवभक्तों ने स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला के गंगा घाटों और तटों पर आस्था की डुबकी लगाने के बाद जलभरकर वे नीलकंठ धाम के लिए रवाना हो गए। कुछ शिवभक्त लक्ष्मणझूला, बाघखाला, रामझूला, तपोवन में वाहनों में सवार होकर नीलकंठ धाम पहुंचे। नीलकंठ मंदिर में बढ़ती भीड़ ने कोविड-19 के नियम तार-तार कर दिया। मंदिर परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग और शिवभक्तों के मुंह से मास्क गायब दिखे। तीर्थनगरी में चंद्रेश्वर महादेव, वीरभद्र महादेव, सोमेश्वर महादेव में भी जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लाइन लगी रही। शिवभक्तों और व्रती लोगों ने शिवालयों में जाकर शिवलिंग पर बेल पत्र, दूध, घी, गंगाजल आदि चढ़ाकर पुण्य अर्जित किया।
नीलकंठ धाम में गंदगी छोड़ रहे शिवभक्त
ऋषिकेश। नीलकंठ धाम में जलाभिषेक करने के बाद मंदिर परिसर में प्लास्टिक और अन्य सामानों की गंदगी फैल रही है। जिला पंचायत पौड़ी और नीलकंठ मंदिर समिति के सफाई व्यवस्था धूल फांक रही है। मंदिर परिसर में बिखरी गंदगी कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर का खतरा उत्पन्न कर रही है।
नीलकंठ मंदिर में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़.- फोटो : RISHIKESH
नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक करते शिवभक्त।- फोटो : RISHIKESH
वीरभद्र मंदिर में जलाभिषेक करते शिवभक्त।- फोटो : RISHIKESH