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हत्याकांड में दो युवकों को उम्रकैद

Sun, 31 Jan 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
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ढाई साल पहले हरिपुरकला क्षेत्र में हुए वृद्धा हत्याकांड में दो युवकों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अभियुक्तों पर पत्थर से सिर कुचलकर बुजुर्ग महिला की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएमडी दानिश की अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया है। घटना 24 अगस्त 2013 की है।
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इस दिन शाम करीब छह बजे हरिपुरकला निवासी लीलावती (56) पत्नी डबल सिंह रावत आनंदोत्सव आश्रम के समीप सूखी नदी में गाय की बछिया को ढूंढने गई थी। लेकिन जब अंधेरा होने पर भी वह घर नही लौटी तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। करीब साढ़े आठ बजे सूखी नदी के पास वृद्धा का रक्तरंजित शव मिला।

वृद्धा का सिर पत्थर से बुरी तरह कुचला हुआ था। वृद्धा के पुत्र देवेंद्र रावत ने मामले में नई बस्ती हरिपुरकला के तीन युवकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा रायवाला थाने में दर्ज कराया। पुलिस ने हत्यारोपी तीन युवकों को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। शासकीय अधिवक्ता राजेश पैन्यूली ने बताया कि शनिवार को मामले की सुनवाई प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएमडी दानिश की अदालत में हुई।
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आरोप साबित होने पर अदालत ने अभियुक्त सुनील पुत्र हरद्वारी लाल, सुमन पुत्र कमल निवासी हरिपुरकला को धारा 302 सपठित धारा 34 में आजीवन कारावास, पांच-पांच हजार अर्थदंड और 201 सपठित धारा 34 में तीन साल की कैद, पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोनों को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।


यह थी हत्या की वजह
24 अगस्त 2013 की शाम जब वृद्धा सूखी नदी पर गाय की बछिया ढूंढ रही थी, तभी उन्हें तीन युवक नशा करते दिखाई दिए। पहचानने पर वृद्धा ने उन्हें नशा करने से टोका और घरवालों से उनकी शिकायत करने को कहा। इस पर युवकों ने गुस्से में वृद्धा को धक्का दिया। जैसे ही वह जमीन पर गिरी पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने हत्या का जुर्म कबूला था। पुलिस ने युवकों की खून से सनी शर्ट भी बरामद की थी।


एक आरोपी नाबालिग
हत्याकांड का तीसरा आरोपी निवासी नई बस्ती नाबालिग है। उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड दून को प्रेषित की गई है। कोर्ट के मुताबिक नाबालिग का मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
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