ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में नौकरी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। शनिवार को 14 युवक युवतियां एम्स पहुंचे और एम्स पीआरओ हरीश थपलियाल को अपना ज्वाइनिंग लेटर दिखाकर नौकरी ज्वाइन करवाने को कहा। मामला संदिग्ध भांपकर उन्होंने दस्तावेज की पड़ताल की तो ज्वाइनिंग लेटर फर्जी पाए गए। उन्होंने इसकी सूचना एम्स निदेशक प्रो. रविकांत को दी। इसके बाद सभी युवकों को दबोचने की कोशिश शुरू हुई। माहौल भांपकर सात युवतियां और युवक मौके से फरार हो गए।
सूूचना मिलने के बाद एम्स पुलिस चौकी इंचार्ज राज विक्रम सिंह पंवार भी मौके पर पहुंचे। गिरफ्त में आए सभी 9 लोगों को कोतवाली लाकर फर्जीवाड़े के सरगना के बारे में पड़ताल की जा रही है। युवक युवतियां उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के हैं। पकड़ में आए युवकों के दस्तावेज और बैग तलाशी में कुल 16 लोगों के फर्जी नियुक्तिपत्र पाए गए हैं। इनमें स्टोर कीपर, लोवर डिवीजन क्लर्क, लैब टेक्नीशियन, फार्मेसिस्ट, आफिस असिस्टेंट के पदों पर नियुक्ति के दस्तावेज पाए हैं।
एम्स पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि सारे नियुक्तिपत्र फर्जी हैं। एम्स की ओर से ऐसा कोई नियुक्तिपत्र जारी की नहीं किया गया। युवकों के पास से एक बैग भी बरामद हुआ है। इसमें एक लैपटॉप, नियुक्ति पत्र सहित कई लोगों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और उच्च शिक्षा के असली प्रमाणपत्र भी मिले हैं।
दीपक तोमर नाम के व्यक्ति की तलाश जारी
फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी करने एम्स में आए युवक दीपक सिंह नामक शख्स के साथ आए थे। उसी के पास सभी लोगों का नियुक्तिपत्र था। युवकों के साथ मौके पर मौजूद दीपक सिंह ने बताया कि उसे दीपक तोमर नाम के व्यक्ति ने एम्स में बुलाया था। दीपक तोमर ने खुद को एम्स का अधिकारी बताया था। शनिवार को उसने सभी लड़कों को नियुक्ति पत्र के साथ एम्स में ज्वाइनिंग के लिए बुलाया था।