शहर भर से पकड़े गए आवारा पशुओं को जिस गो सदन में रखा गया था, शनिवार को उसका ताला और गेट टूटा मिला। यहां रखे गए सभी 82 गोवंश लापता हैं। इन पशुओं को सोमवार को श्यामपुर स्थित शकुंतला गो सेवा धाम में शिफ्ट किया जाना था। लेकिन उससे पहले ही गो वंश के गायब होने से मामला संदेहास्पद हो गया है। निगम की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की है, हालांकि प्रथम दृष्ट्या वह इसे शरारती तत्वों का काम मानकर चल रही है।
चार धाम यात्रा के मद्देनजर नगर निगम ने शहर भर से आवारा पशुओं को पकड़कर वीरभद्र रोड गली नंबर तीन पर बने गोसदन में रख छोड़ा था। करीब एक महीने पर चार धाम तैयारियों को लेकर गढ़वाल आयुक्त ने बैठक ली थी। तब आवारा पशुओं के सड़क पर बीचोंबीच बैठने का मुद्दा भी उठा था। आयुक्त ने नगर निगम को समय रहते आवारा पशुओं से मुक्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद निगम की टीम ने कैटल कैचर के जरिये 82 गोवंश पकड़कर गो सदन में छोड़े था। पशुओं को चारापानी के लिए नगर के कई लोग दान भी कर रहे थे।
शनिवार को निगम की ओर से सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल की तरफ से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। उन्होंने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह निगम का चौकीदार गोवंशों को चारा डालने के लिए रोज की तरह गया। उसने गोसदन का गेट टूटा देखा तो सकपका गया। इसकी सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे। गेट टूटा हुआ था और गो सदन में एक भी गोवंश नहीं था।
मामला संज्ञान में आया है। प्रथम दृष्टया शरारती तत्वों की हरकत प्रतीत हो रही है। जांच के लिए टीम का गठन कर लिया गया है। जल्द ही शरारती तत्वों की पहचान हो जाएगी। इसके अलावा रात्रिकाल में चीता पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी। निगम को रात्रि में कर्मचारी नियुक्त करने तथा उक्त क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
- रितेश शाह, कोतवाल ऋषिकेश