ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। थाना मुनिकीरेती पुलिस ने कार के अंदर सट्टा लगवाते हुए जीजा साले को गिरफ्तार किया है। जीजा और साले पर ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से सट्टा लगाने का आरोप है। पुलिस ने इनके पास से चार लाख 66 हजार 250 रुपये बरामद किए हैं। साथ ही तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, सट्टे की वर्ष 2011 से अब तक बहीखाता समेत कार को कब्जे में लिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
थाना मुनिकीरेती प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि काफी समय से क्षेत्र में सट्टा लगाने की सूचना मिल रही थी। बुधवार को क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला गया। करीब नौ बजकर 40 मिनट पर शीशम झाड़ी क्षेत्र में बंद कार के अंदर दो लोग सट्टा लगवाते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को सट्टा लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान नीटू चौहान पुत्र श्याम सिंह निवासी शीशम झाड़ी तथा कृष्णा कुमार पुत्र रमेश सिंह निवासी कैल शिकारपुर थाना गढ़ी पुख़्ता जिला शामली उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने अनुसार कृष्णा कुमार नीटू का रिश्ते में साला लगता है।
सट्टा लगाने वालों में ऋषिकेश के एक दर्जन लोग शामिल
थाना प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि आरोपी नीटू चौहान तथा कृष्णा ने पूछताछ में बताया कि ऋषिकेश के टीनू निवासी पुराना बस अड्डा और गुड्डू निवासी मायाकुंड उनके लिए एजेंट का काम करते हैं। यह दोनों ही ऋषिकेश में सट्टा में लगने वाली राशि का एकत्र कर उनके पास लाते हैं। इस काम में नीटू की पत्नी भी उनका पूरा साथ देती है। वह नीटू की गैर मौजूदगी में सट्टे का कारोबार चलाती है।
सट्टे की राशि का 80 गुना मिलता था सटोरियों को
पुलिस पूछताछ में आरोपी नीटू और कृष्णा ने बताया कि वह अपने ग्राहकों की रकम का सट्टा गाजियाबाद की दिसावर नाम की ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट पर लगाते हैं। इस वेबसाइट पर प्रतिदिन 8:15 बजे रात को एक से 100 संख्या में से कोई भी एक संख्या जारी होती है, ग्राहक किसी एक संख्या पर सट्टा लगाकर नीटू को रुपये देते थे। रात को वेबसाइट पर जिसका नंबर आता है, आरोपी नीटू उसे उसकी लगाई गई राशि का 80 गुना रुपया देता था।
आरोपी नीटू को पूर्व में भी हो चुकी है सजा
थाना प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि आरोपी नीटू को पूर्व में भी जुएं के आरोप में कोर्ट से सजा मिल चुकी है। 10 जुलाई 2015 को जुएं के रुपयों के साथ नीटू को मुनिकीरेती पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में कोर्ट ने पांच नवंबर 2015 को सजा सुनाई थी। साथ ही दूसरी बार थाना मुनिकीरेती पुलिस ने 28 मई 2017 को 2560 रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में कोर्ट ने उसे 11 अक्तूबर 2017 को सजा सुनाई।