ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। उच्च न्यायालय के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने पहली बार बड़ी कार्यवाही की है। विभाग की ओर से बिना नक्शा पास कांपलेक्स की 21 दुकानों को सील किया गया है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भीड़ ने पहुंचकर कार्रवाही का विरोध किया। शनिवार को श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज स्कूल के बाहर एक भवन में बनी 60 दुकानों वाले कांपलेक्स में बंद 21 दुकानों पर कार्यवाही की गई।
एचआरडीए के उप सचिव व उप जिलाधिकारी प्रेमलाल की मौजूदगी में बंद 21 दुकानें सील की गई। करीब दो दर्जन दुकानों को तीन दिन की मोहलत दी गई है। इस दौरान दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। वहीं मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते एचआरडीए की टीम को आधी कार्रवाही पर ही संतोष करना पड़ा।
पूर्व में भी एचआरडीए ने भवन किया था सील
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इस कांपलेक्स का निर्माण किया जा रहा था, उस समय एचआरडीए की टीम ने भवन को सील किया था। लेकिन ध्वस्तीकरण की कार्यवाही नहीं की थी। अब यहां सभी दुकानों में बसावट हो चुकी है, तो कार्यवाही करना उचित नहीं है। इस दौरान एचआरडीए के सहायक अभियंता गिरीश चंद भट्ट, कार्यकारी अभियंता श्याम मोहन शर्मा सहित पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
हाईकोर्ट के आदेशों पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद न होने के कारण कार्रवाही बीच में ही रोकनी पड़ी। अगली कार्यवाही में पुलिस फोर्स की संख्या ज्यादा रहेगी, जिससे अभियान में अड़चन न आ सके। यह कार्रवाही पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में की जाएगी। साथ ही जिन भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पूर्व में किए गए है, उन पर भी कार्रवाई होगी।
- प्रेमलाल, उप जिलाधिकारी व उप सचिव एचआरडीए