ऋषिकेश। विश्व जूनोसिस दिवस पर एम्स की ओर से रेड फोर्ट इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को जूनोटिक (पशुजन्य) रोगों, उनके संक्रमण के स्रोतों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय वन हेल्थ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी महेंद्र सिंह ने तकनीकी सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने जूनोटिक रोगों की अवधारणा, संक्रमण के स्रोत और महामारी विज्ञान की जानकारी दी। परियोजना के सह-प्रधान अन्वेषक योगेंद्र प्रताप मथुरिया ने जूनोटिक रोगों की रोकथाम के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, पशुओं से सुरक्षित संपर्क और स्वच्छ खाद्य पदार्थों के सेवन पर जोर दिया। नियमित टीकाकरण और पर्यावरणीय स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण बताया गया। मथुरिया ने रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया। संवाद