फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीदेव सुमन विवि का दीक्षांत समारोह दो नवंबर को

विज्ञापन
राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति। - फोटो : RISHIKESH
विज्ञापन
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय आगामी दो नवंबर को गोपेश्वर स्थित कैंपस में अपना द्वितीय दीक्षांत समारोह मनाएगा। इस मौके पर वर्ष 2017-18 के यूजी और पीजी के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य समेत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक, शासन और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन

शुक्रवार को दीक्षांत समारोह की तैयारियों के संबंध में ऋषिकेश स्थित श्रीदेव सुमन कैंपस परिसर में एक बैठक की गई, जिसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ. यूएस रावत ने की। बैठक में श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों, निजी संस्थानों और अशासकीय महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर चर्चा की गई। बैठक में विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि गढ़वाल के सात जिलों में 52 डिग्री कॉलेज, 120 स्ववित्त पोषित निजी संस्थान, तीन अशासकीय महाविद्यालयों से करीब 1000 छात्र-छात्राएं दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे। बैठक में श्रीदेव सुमन विवि के रजिस्ट्रार सुधीर बुड़ाकोटी, उप कुलसचिव दिनेश चंद्रा, मान्यता इंचार्ज एसडी नौटियाल, कैंपस डॉयरेक्टर डॉ. एनपी माहेश्वरी, प्राचार्य केएल बिष्ट, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
मानक उपाधि से किया जाएगा सम्मानित
ऋषिकेश। विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि दीक्षांत समारोह मेें कुछ शख्सियतों को मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों और निजी संस्थानों के जन प्रतिनिधियों से मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने वालों के नाम मांगे गए हैं।
विज्ञापन

सेमेस्टर सिस्टम लागू करने पर करवाई बहस
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन कैंपस ऋषिकेश में कुलपति डॉ. यूएस रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सेमेस्टर सिस्टम को लागू करने और न करने को लेकर महाविद्यालय और निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों के बीच जमकर बहस हुई। बैठक में चमन लाल महाविद्यालय लंढौरा के प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर व्यवस्था लागू होनी चाहिए, क्योंकि इससे परीक्षा परिणाम समय से आते हैं और विद्यार्थी भी पाठ्यक्रम से लगातार अपडेट रहता है। इर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज रायसी के प्राचार्य डॉ. राजेश पालीवाल ने कहा कि सेमेस्टर व्यवस्था से महाविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ी है। दूसरी ओर कर्णप्रयाग के समीप घाट महाविद्यालय के प्राचार्य केएन बरमोला ने कहा कि यदि सेमेस्टर सिस्टम को पूरी तरह से लागू किया जाना है तो सितंबर में परीक्षाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पर्वतीय राज्य है। सेमेस्टर की परीक्षाओं के दौरान घाट क्षेत्र में काफी बर्फबारी होती है। कड़ाके की ठंड के कारण छात्र-छात्राओं को लिखने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस पर कुलपति ने इस संबंध में शासन से वार्ता करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें