प्रतीत नगर के हनुमान चौक स्थित रामलीला मैदान में पिछले 14 दिनों से आयोजित रामलीला का समापन राम राज्याभिषेक के साथ हो गया। जिसमें श्रीराम का विधिवत रूप से राज्याभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा पांडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
श्रीरामलीला कमेटी रायवाला के तत्वावधान में पिछले 14 दिनों से रामलीला का मंचन किया जा रहा था। जिसका समापन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ कर दिया गया। मंचन में राम और रावण के बीच हुए घमासान युद्ध के बाद भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। रावण वध के साथ ही रामलीला प्रांगण में श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद भगवान श्रीराम ने विभीषण को लंका का राजा घोषित किया।
इसी दौरान भगवान श्रीराम की अन्य लीलाओं का मंचन भी किया गया। वहीं 14 वर्ष का वनवास समाप्त होने पर श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता अयोध्या पहुंचते हैं। जहां उनका स्वागत किया जाता है। श्रीराम वापसी पर पूरी अयोध्या नगरी में दीप जलाकर खुशियां मनाई जाती हैं। इसके बाद विधि विधान और पूजा अर्चना के साथ भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया जाता है। इसके साथ ही रामलीला का समापन हो जाता है। इस दौरान रामलीला कमेटी की ओर से सभी पात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर निर्देशक महेंद्र राणा, अध्यक्ष एके सिंह, सचिव अजय साहू, उपाध्यक्ष पूरण मोघा, प्रदीप कुमार, करण मौर्य, सूचित झा, मनोज कंडवाल आदि मौजूद रहे।