मतदाता को अपनी पहचान के लिए चुनाव आयोग ने 25 विकल्प दिए हैं। जिसे वह मतदान के लिए पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
मतदान के दिन कई बार मतदेय स्थल पर मौजूद उम्मीदवारों के अभिकर्ता और निर्वाचन की टीम मतदाता की पहचान नहीं कर पाते है। चुनाव आयोग ने मतदान के दिन पहचान के लिए 25 विकल्प जारी किए है। जिनमें मुख्य रूप से आधार कार्ड, भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, राज्य, केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किए जाने वाला सेवा पहचान पत्र, बैंक अथवा डाक पासबुक, राशन कार्ड, भूमि भवन, रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज, भवन कर बिल, छात्र पहचानपत्र और लाइब्रेरी कार्ड, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी वर्ग का प्रमाणपत्र, शस्त्र लाइसेंस, पेंशन दस्तावेज, पेंशन अदायगी दस्तावेज, भूतपूर्व सैनिक, विधवा, आश्रित प्रमाणपत्र, रेलवे और बस पास, दिव्यांग प्रमाणपत्र, स्वतंत्रता सेनानी पहचानपत्र, टेलीफोन, पानी और बिजली का बिल, दुकान पंजीकरण पत्र, गैस कनेक्शन, अन्नपूर्णा कार्ड, परिवहन अधिकारियों जारी संवाहक लाइसेंस, परिवार रजिस्टर के यथा सत्यापित, निवास प्रमाणपत्र और राज्य पुलिस द्वारा बस्तियों में जारी पहचानपत्र आदि को निर्वाचक की पहचान के लिए आयोग ने अधिकृत किया है।
पुवायां के गांव भटपुरा चंदू निवासी शिवम अपने पुत्रों के साथ। संवाद
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