मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स में पहले पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि एम्स चिकित्सकों और स्टाफ की टीम मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रही है। यही कारण है कि आज उत्तराखंड ही नहीं, उत्तरप्रदेश और हिमाचल के लिए भी एम्स आशा की किरण बन गया है।
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एम्स पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री सुबोध उनियाल, एम्स कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह और मेयर अनीता ने संयुक्त रूप से पीकू वार्ड का लोकार्पण किया। बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. नवनीत बट ने मुख्यमंत्री को बताया कि पीकू यूनिट में कुल 16 बेड की सुविधा है। यूनिट में एक माह से अधिक और 18 साल से कम उम्र के बच्चों को भर्ती करने की सुविधा है। उन्होंने बताया कि पीकू यूनिट में आठ इंटेंसिव केयर बेड, छह हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) बेड और दो आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं।
लोकार्पण के बाद एम्स सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि एम्स में लगातार चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं में एम्स अपना कैंपस स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। कुमाऊं कैंपस के निर्माण के लिए निशुल्क 100 एकड़ भूमि देने पर कार्यकारी निदेशक मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि कैंपस को स्थापित करने में करीब एक से डेढ़ साल का समय लगेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एम्स के चिकित्सक और स्टाफ बेहद सराहनीय सेवा कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने कुमाऊं मंडल के लिए दूसरे एम्स के निर्माण की स्वीकृति दी। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव मित्तल, डीन एग्जाम प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. सोमप्रकाश बासू, प्रो. बीके बस्तिया, उपनिदेशक प्रशासन अच्युत रंजन मुखर्जी, वरिष्ठ ट्रामा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल, डॉ. मनीषा नैथानी और वित्त सलाहकार ले. कर्नल सिद्धार्थ आदि उपस्थित रहे।