अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से नगर निगम के इंद्रमणि बडोनी सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से बच्चों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव पर अभिभावकों से चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान महिला अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान समय में परिवार के सदस्यों पर मोबाइल हावी हो गया है। एक ही कमरे में बैठे परिवार के सभी सदस्य अपने- अपने मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। एक दूसरे से बात करने का समय तक नहीं निकाल रहे हैं। बच्च्चों पर मोबाइल व सोशल मीडिया के दुष्परिणामों के लिए हम स्वयं भी काफी जिम्मेदार हैं। हमें बच्चों को बचपन से ही साहित्य, खेल आदि के प्रति प्रेरित करना होगा। महिलाओं ने यह भी कहा कि मोबाइल समय की मांग है। इसलिए बच्चों को इससे वंचित नहीं रखा जा सकता है। लेकिन हमें बच्चों को यह समझाना होगा कि मोबाइल व सोशल मीडिया में हमारे लिए क्या उपयोगी है और क्या अनुपयोगी है। महिलाओं ने कहा कि बच्चों में सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव अधिक दिख रहे हैं। मोबाइल में सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से बच्चे गलत रास्ते की ओर भी बढ़ रहे हैं। घर में मोबाइल का प्रयोग कम कर परिजनों को आपस में अधिक समय साथ बिताना चाहिए। बच्चों को भी पूरा समय देना चाहिए। संवाद चर्चा में पूनम शर्मा, सरोज डिमरी, डा. सिमरन, अंजू रस्तोगी, मंजू बडोला आदि ने विचार व्यक्त किए।