आईडीपीएल नंदू फार्म में हवन की तैयारी करते प्रमोद बडोला के परिजन। स्रोत जागरूक पाठक।
दूर देश में बसने के बाद भी अपनी मिट्टी और संस्कारों की खुशबू कम नहीं हुई है। फ्रांस में रह रहे दंपती ने भारतीय परंपरा को निभाते हुए ऑनलाइन माध्यम से अपनी बेटी का नामकरण संस्कार किया। पंडित जी द्वारा सुझाए गए अनाया नाम पर जब मुहर लगी, तो पूरा परिवार खुशियों से भर उठा और विदेशी परिजनों ने भी सनातन धर्म की इस सुंदर पद्धति का आभार जताया।
आईडीपीएल नंदू फार्म निवासी प्रमोद बडोला की शादी अप्रैल 2025 में फ्रांस की रहने वाली एलेक्स के साथ हुई थी। 1 जनवरी 2026 को एलेक्स ने फ्रांस में एक बेटी को जन्म दिया। 11 जनवरी को बेटी का नामकरण संस्कार होना था। बच्ची के दादा दिनेश चंद बडोला और दादी शोभा देवी की इच्छा थी कि उनकी पोती का नामकरण संस्कार हिंदू रीति रिवाज और सनातन परंपरा के अनुसार हो।
फिर क्या था, दादा-दादी ने अपने पोती के नामकरण संस्कार के लिए अपने घर पर पंडित जी को बुलाया और फ्रांस में रह रहे बेटा और बहू से ऑनलाइन संपर्क कर अपने घर पर हवन-पूजन कर विधि विधान के साथ नामकरण संस्कार किया। पंडित ने उनकी बेटी का नाम अनाया रखा है। सनातन धर्म से बेटी के नामकरण संस्कार होने पर एलेक्स ने भी परिजनों का आभार जताया।