संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में चटख धूप में खुले आसमान के नीचे घंटों खड़े होकर फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराने को विवश हैं तीर्थयात्री।
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राज्य सरकार बिना धेला खर्च किए उत्तराखंड में पर्यटन विकास और चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की आमद बढ़ाने के कांसेप्ट पर कार्य कर रही है। लाखों श्रद्धालुओं से जुड़ी इस यात्रा के प्रमुख केंद्र पर व्याप्त अव्यवस्थाएं इसकी तस्दीक करती हैं।
तीर्थनगरी स्थित चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में चारधाम के दर्शन को जाने वाले विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों को खुले आसमान के नीचे बायोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन के लिए धूप में तपना पड़ रहा है। इनके लिए पक्की छत और पंखों की व्यवस्था तो दूर टेंट तक नहीं लगाया गया है।
गौरतलब है कि यह वही स्थान है जहां पर बीते सप्ताह 27 अप्रैल को सूबे के मुखिया चारधाम यात्रा के उद्घाटन के अवसर पर यात्रा व्यवस्थाओं के दावे कर गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत से रूबरू होना मुनासिब नहीं समझा।
त्रिलोक सिक्योरिटी सर्विस कंपनी 2014 से चारधाम व हेमकुुंड यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का निशुल्क पंजीकरण कर रही है। इसके लिए कंपनी ने उत्तराखंड में दो दर्जन स्थानों पर फोटोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन के लिए अपना सेटअप स्थापित किया है। इसके लिए सरकार कंपनी को कोई आर्थिक सहायता नहीं देती। कंपनी को पंजीकरण के लिए जो कार्यालय दिया गया है, उसमें पंखे तक नहीं हैं। लिहाजा कर्मचारियों को भी पसीना बहाकर रजिस्ट्रेशन करना पड़ रहा है।