गौहरीमाफी में बाढ़ सुरक्षा के तहत सिंचाई विभाग की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य मेें भारी अनियमितता सामने आई है। नहर निर्माण का कार्य कर रहे ठेकेदार ने सीमेंट में बाढ़ में बहकर आ रही गाद और मिट्टी मिलाकर लीपापोती कर दी। निर्माण कार्य में अनियमितता देख ग्रामीण भड़क गए और मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। इस दौरान लोगों ने विभाग के अवर अभियंता को फोन कर घटिया निर्माण की जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों की आंखें खुली और कुछ हिस्सा तुड़वा दिया।
मंगलवार को गौहरीमाफी में बाढ़ सुरक्षा के तहत सिंचाई विभाग की ओर से चल रहे तटबंध और सिंचाई नहर निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोला। निवर्तमान ग्राम प्रधान के नेतृत्व में एकत्र ग्रामीण युवाओं ने करीब चार करोड़ 11 लाख की लागत से बन रही सिंचाई नहर के निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग बाढ़ में बहकर आ रही गाद और मिट्टी को मिलाकर निर्माण करवा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को जमकर हंगामा भी किया।
प्रदर्शन के दौरान ही ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने अवर अभियंता से फोन पर घटिया निर्माण की जानकारी दी। इसके बाद सक्रिय हुए अवर अभियंता ने मौके पर विभागीय कर्मियों को भेजकर करीब सौ मीटर घटिया निर्माण को तुड़वा दिया है। इस दौरान मौके पर भगवती प्रसाद सेमवाल, देवेंद्र सेमवाल, मेहरबान सिंह रावत, कमाल सिंह, दिगम्बर गोनियाल, पुनीत उनियाल, नवीन नौटियाल, दिनेश सिंह, हिक्मत चौहान, चतर सिंह भंडारी आदि रहे।
2018 में आई बाढ़ से हुआ था काफी नुकसान
गौहरीमाफी में बाढ़ हर साल कहर ढाती है। 2018 में आई बाढ़ से क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद कई संगठनों ने यहां पर बाढ़ सुरक्षा प्रबंध करने के लिए प्रदर्शन और भूख हड़ताल की थी। इसके बाद संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाने का काम शुरू करवाया। आलम यह है कि नहर निर्माण में जेसीबी से खुदाई के दौरान जो मिट्टी और पत्थर निकल रहे हैं उसे ही निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोट्स
मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत पर चल रही है। यदि निर्माण कार्य में अनियमितता हुई है तो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित मामले की रिपोर्ट तलब की जाएगी। यदि कोई भी अधिकारी घटिया निर्माण का दोषी पाया गया तो मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाई जाएगी और तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति करवाया जाएगा।
- प्रेमचंद्र अग्रवाल, विस अध्यक्ष