परमार्थ निकेतन आश्रम में बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शांति, सद्भाव, स्वच्छता, जल संरक्षण और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। बैठक में विभिन्न धर्मों के संत, सामाजिक संगठनों और यूनिसेफ के प्रतिनिधि शामिल हुए।
आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडे, संत मुरलीधर और अन्य धर्मगुरुओं ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आज दुनिया को तकनीक के साथ संवेदना की जरूरत है। धर्म का अर्थ हर प्राणी के दुख को अपना दुख मानकर सेवा करना है।
साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि सच्ची श्रद्धा कर्म से जीवंत होती है। बैठक में पिछली गतिविधियों की समीक्षा की गई। स्वच्छता, जल संरक्षण, महिला-बाल कल्याण और पर्यावरण पर किए कामों पर चर्चा हुई। भविष्य में युवाओं की भूमिका, सहयोग और संस्थागत उत्तरदायित्व बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में चिपको आंदोलन के अग्रदूत पद्म विभूषण सुंदरलाल बहुगुणा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर आचार्य येशी फुंटसोक, सरदार परमजीत सिंह चंडोक, डॉ. संचिता शेट्टी, नरेश यादव, डॉ. मार्कंडेय राय, सादिक अहमद आदि शामिल रहे।