विश्व पुस्तक दिवस पर थानो स्थित लेखक गांव के नालंदा पुस्तकालय में कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि नीरजा शर्मा (अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखिका एवं अनुवादक) ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक सच्चे मित्र की भूमिका में होती हैं। यह सदैव ज्ञान और ऊर्जा का संचार करते है। इसलिए आज के युवा पीढ़ी को अधिक से अधिक पुस्तकालयों में जाकर पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। कहा कि लेखक गांव का यह नालंदा पुस्तकालय सबसे उपयोगी साबित होगा। यहां पर दस लाख पुस्तकों के संकलन का जो लक्ष्य लेखक गांव ने रखा है उसको निश्चित पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में नालंदा पुस्तकालय की विभागाध्यक्ष डॉ. इंदु घिल्डियाल नवानी, ईशान ममगाईं, लोकेश नवानी, सहित स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।