ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीएमएलटी के अंतिम वर्ष के छात्रों का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में छह माह का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण के लिए एम्स और राजकीय महाविद्यालय के बीच समझौता हुआ है।
पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के समन्वयक प्रोफसर गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत के सहयोग से बीएमलटी के अंतिम वर्ष के छात्रों का छह माह का क्लीनिक प्रशिक्षण शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते प्रशिक्षण कुछ विलंब से शुरू हुआ। प्रोफेसर गुलशन कुमार ने बताया कि एम्स में छात्र विश्वस्तरीय पैथोलोजिकल तकनीकियों के बारे प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। एम्स के डीन परा चिकित्सा विज्ञान प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू ने बताया कि प्रशिक्षु छात्रों को पैथोलॉजी, बॉयोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, ब्लड बैंक, सैंपल कलेक्शन आदि विभागों में उच्चस्तरीय जांच तकनीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एम्स के डीन शैक्षिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने छात्रों को अनुशासित रह कर अपना प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कहा। महाविद्यालय के प्राचार्य प्राफेसर पंकज पंत ने कहा कि एम्स से पूर्व में दो बैच प्रशिक्षण प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया महाविद्यालय के 20 छात्र एम्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीपी ध्यानी और हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर हेमचंद्र ने प्रशिक्षु छात्रों को शुभकामनाएं दी। प्रशिक्षु छात्रों को विभाग के संकाय सदस्य सफिया हसन और अर्जुन पालीवाल के नेतृत्व में एम्स ऋषिकेश की कोविड ओपीडी में स्क्रीनिंग कर संबंधित विभागों में भेजा गया।